छत्तीसगढ़ : छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में अवैध देह व्यापार के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक कथित सेक्स रैकेट का खुलासा किया है। शहर के इंदिरा मार्केट स्थित बंद पड़े जलाराम लॉज में चल रही अवैध गतिविधियों की सूचना मिलने पर सिटी कोतवाली पुलिस और एसीसी की संयुक्त टीम ने छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान तीन युवतियां और दो युवक मौके पर मिले। पुलिस ने वहां से नकदी, मोबाइल फोन और अन्य सामान भी जब्त किया है।
गुप्त सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, 28 जून की शाम मुखबिर से सूचना मिली थी कि इंदिरा मार्केट स्थित जलाराम लॉज की आड़ में अनैतिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए सिटी कोतवाली पुलिस और एसीसी की संयुक्त टीम ने योजनाबद्ध तरीके से लॉज पर छापा मारा।
कागजों में बंद था लॉज, मौके पर चल रही थीं गतिविधियां
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि जिस जलाराम लॉज में कार्रवाई की गई, वह आधिकारिक रिकॉर्ड में बंद बताया गया था। हालांकि उसी परिसर में एक आइसक्रीम पार्लर संचालित होने की जानकारी भी मिली है। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो वहां तीन युवतियां, दो युवक और लॉज का संचालन करने वाला व्यक्ति मौजूद मिला।
जांच में बरामद हुए नकदी और अन्य सामान
छापेमारी के दौरान पुलिस ने लगभग 20 हजार रुपये नकद, चार मोबाइल फोन, बड़ी संख्या में कंडोम के पैकेट तथा अन्य जांच से संबंधित सामग्री जब्त की। बरामद सामान को पुलिस ने कब्जे में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी है।
तीन आरोपी गिरफ्तार, इन धाराओं में मामला दर्ज
पुलिस ने इस मामले में अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम (PITA Act) की धाराओं 3, 4, 5 और 7 के तहत मामला दर्ज किया है। कार्रवाई के दौरान विजय गुजराती, नारायण देशमुख और तमाशा कुमार साहू को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अन्य संभावित आरोपियों और इस नेटवर्क से जुड़े लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
अवैध गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई जारी
प्रारंभिक जांच में पुलिस को संकेत मिले हैं कि आरोपी लॉज की आड़ में अवैध रूप से देह व्यापार संचालित कर रहे थे। पूरे मामले की जांच जारी है और पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
लोगों से पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उनके आसपास किसी भी प्रकार की अवैध या अनैतिक गतिविधि संचालित होती दिखाई दे तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
