“पापा कब आएंगे?” 6 साल के बेटे का मासूम सवाल सुन छलक पड़े आंसू, मां जेल में और पिता की हो चुकी अंतिम विदाई

कानपुर: फीलखाना क्षेत्र में सामने आए चर्चित मनीष गुप्ता हत्याकांड ने हर किसी को भावुक कर दिया है। इस घटना का सबसे दर्दनाक पहलू वह 6 वर्षीय मासूम बच्चा है, जो अब भी इस सच्चाई से अनजान है कि उसके पिता इस दुनिया को अलविदा कह चुके हैं और उसकी मां जेल में बंद है। घर में पसरे मातम के बीच बच्चे की जुबान पर बार-बार सिर्फ एक ही सवाल है—“पापा कब आएंगे?”

एक परिवार की खुशियां पलभर में बिखर गईं

मनीष गुप्ता की मौत के बाद पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घर में रिश्तेदारों और परिचितों का आना-जाना लगा हुआ है, लेकिन सबसे ज्यादा चिंता परिवार को उस मासूम की है, जो अभी तक पूरी घटना को समझ नहीं पाया है। वह कभी अपने दादा का हाथ पकड़कर घर में घूमता है तो कभी किसी से मां के बारे में पूछता है। उसके सवाल सुनकर परिजनों की आंखें नम हो जाती हैं।

नौ साल पुरानी प्रेम कहानी का दर्दनाक अंत

बताया जा रहा है कि मनीष गुप्ता और निहारिका ने करीब नौ साल पहले प्रेम विवाह किया था। परिवार की जिंदगी सामान्य तरीके से चल रही थी, लेकिन बीते दिनों घरेलू विवाद ने ऐसा मोड़ ले लिया जिसने पूरे परिवार को तबाह कर दिया।

5 जून को फीलखाना इलाके में हुए इस घटनाक्रम में मनीष गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घायल अवस्था में वह अपने बेटे को साथ लेकर थाने पहुंचे और पुलिस को पूरी जानकारी दी। इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।

मोबाइल पर बातचीत को लेकर बढ़ा था विवाद

परिजनों का आरोप है कि निहारिका की किसी व्यक्ति से लगातार बातचीत को लेकर पति-पत्नी के बीच लंबे समय से तनाव चल रहा था। घटना वाले दिन भी इसी मुद्दे पर दोनों के बीच कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते गंभीर विवाद में बदल गई।

परिवार के मुताबिक, गुस्से में आकर निहारिका ने मनीष पर चाकू से हमला कर दिया। हमले में गंभीर रूप से घायल मनीष को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके।

मासूम की बातों ने जांच को दिया नया मोड़

घटना के बाद पुलिस ने बच्चे से भी जानकारी जुटाई। मासूम ने बताया कि उसने अपनी आंखों के सामने पूरी घटना देखी थी। बच्चे के अनुसार, उसकी मां ने पिता पर चाकू से हमला किया था। उसने यह भी बताया कि जिस चाकू का इस्तेमाल हुआ, उसे कुछ दिन पहले ही घर लाया गया था।

बच्चे के बयान के आधार पर पुलिस ने आरोपी महिला को हिरासत में लिया और बाद में उसे न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेज दिया। फिलहाल पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है।

अंतिम संस्कार के दौरान भी पूछता रहा पिता के बारे में

परिजनों के अनुसार, जब मनीष का अंतिम संस्कार किया जा रहा था तब भी बच्चे को यह नहीं बताया गया कि उसके पिता अब इस दुनिया में नहीं रहे। वह लगातार अपने रिश्तेदारों से पूछता रहा कि उसके पापा कब घर लौटेंगे।

उसकी मासूमियत और बार-बार पूछे गए इस सवाल ने वहां मौजूद लोगों को भावुक कर दिया। किसी के पास उसके सवाल का जवाब नहीं था।

पिता का साया छिना, मां भी दूर हुई

इस घटना ने केवल एक व्यक्ति की जान नहीं ली, बल्कि एक छोटे बच्चे की पूरी दुनिया बदल दी। एक तरफ उसके पिता हमेशा के लिए उससे दूर हो गए, वहीं दूसरी तरफ उसकी मां कानूनी कार्रवाई का सामना कर रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। हर किसी के मन में एक ही सवाल है कि आखिर इस पूरे घटनाक्रम में उस मासूम की क्या गलती थी, जिसे एक ही झटके में माता-पिता दोनों का साथ खोना पड़ा।

पुलिस जांच जारी, बच्चे के भविष्य पर टिकी सबकी नजर

फिलहाल पुलिस मामले की जांच और कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई है। वहीं परिवार के सामने सबसे बड़ी चिंता अब मासूम रियांश का भविष्य है। जिस उम्र में बच्चों को माता-पिता का प्यार और सुरक्षा चाहिए, उसी उम्र में उसे जीवन की सबसे बड़ी त्रासदी का सामना करना पड़ रहा है।

यह मामला केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि टूटते रिश्तों और उसके सबसे मासूम पीड़ित की दर्दनाक कहानी बनकर सामने आया है।

Share:
Copied!