PM मोदी से माफी के बाद नाबालिग की मां की नई अपील, बोलीं- ‘अब FIR भी वापस ली जाए’, सोशल मीडिया नियमों पर भी उठाई मांग

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में सुर्खियों में आई नाबालिग लड़की की मां ने भावुक अपील करते हुए बेटी के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेने की मांग की है। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनकी बेटी को माफ कर बड़ी उदारता दिखाई है और अब यदि दर्ज मामला भी समाप्त हो जाए तो वह सामान्य जीवन की ओर लौट सकेगी। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर नाबालिगों की सोशल मीडिया गतिविधियों, कानूनी प्रक्रिया और अभिभावकों की जिम्मेदारी को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला उस समय सामने आया जब छात्र प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक नारे लगाए जाने का आरोप लगा। शिकायत मिलने के बाद नोएडा पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज की। पुलिस रिकॉर्ड में आरोपी का नाम रुचिका सिंह और उम्र 25 वर्ष दर्ज होने की बात सामने आई, जबकि लड़की की मां का दावा है कि एफआईआर में दर्ज नाम और उम्र दोनों सही नहीं हैं। उनका कहना है कि उनकी बेटी नाबालिग है और रिकॉर्ड में तथ्यात्मक त्रुटियां हुई हैं।

मां बोलीं- बेटी को अपनी गलती का एहसास है

लड़की की मां ने कहा कि उनकी बेटी अपने व्यवहार पर पछतावा जता चुकी है और उसने अपनी गलती स्वीकार भी कर ली है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी ओर से दिखाई गई संवेदनशीलता ने उनकी बेटी को नया अवसर दिया है। अब परिवार चाहता है कि उसके खिलाफ दर्ज एफआईआर भी वापस ले ली जाए ताकि भविष्य में उसकी पढ़ाई और सामान्य जीवन प्रभावित न हो।

सोशल मीडिया के लिए सख्त नियम बनाने की मांग

अपनी अपील में लड़की की मां ने यह भी कहा कि 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया के उपयोग को लेकर अधिक सख्त नियम बनाए जाने चाहिए। उनके अनुसार, कम उम्र के बच्चे कई बार बिना पूरी जानकारी के दूसरों के प्रभाव में आ जाते हैं और सही-गलत का आकलन नहीं कर पाते। उन्होंने अभिभावकों और समाज से भी अपील की कि बच्चों को पढ़ाई पर ध्यान देने के लिए प्रेरित किया जाए और उन्हें अनावश्यक विवादों से दूर रखा जाए।

प्रधानमंत्री ने क्या कहा था?

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस तरह की घटनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि गाली-गलौज या अपमानजनक भाषा किसी भी समस्या का समाधान नहीं हो सकती। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई बच्चा गलती करता है तो उसे केवल दंडित करने के बजाय सही दिशा दिखाने और सुधार का अवसर देने पर भी विचार किया जाना चाहिए।

नाबालिग ने वीडियो जारी कर मांगी थी माफी

एफआईआर दर्ज होने के बाद संबंधित नाबालिग लड़की ने एक वीडियो जारी कर हाथ जोड़कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और देशवासियों से माफी मांगी थी। उसने कहा था कि वह केवल 15 वर्ष की है और दूसरों के कहने पर उसने ऐसे शब्दों का प्रयोग किया, जिसका उसे अब गहरा पछतावा है। उसने इसे अपनी पहली और अंतिम गलती बताते हुए सभी से क्षमा करने की अपील की थी।

अब आगे क्या होगा?

फिलहाल मामला कानूनी प्रक्रिया के अधीन है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि नाबालिग की मां द्वारा एफआईआर वापस लेने की अपील पर संबंधित एजेंसियां और न्यायिक प्रक्रिया आगे क्या निर्णय लेती हैं। इस मामले ने नाबालिगों की जिम्मेदारी, सोशल मीडिया के प्रभाव और अभिव्यक्ति की सीमाओं पर व्यापक बहस को भी जन्म दिया है।

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