दिल्ली : दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने E20 पेट्रोल को लेकर केंद्र सरकार की नीति पर एक बार फिर सवाल उठाए हैं। राजधानी दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित ‘नेशनल टाउन हॉल अगेंस्ट E20’ कार्यक्रम के दौरान उन्होंने दावा किया कि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से कई वाहनों का माइलेज प्रभावित हो रहा है और कुछ मामलों में इंजन से जुड़े पुर्जों पर भी असर देखने को मिल रहा है। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने एक अनुभवी मोटर मैकेनिक को मंच पर बुलाकर अपने दावों को तकनीकी अनुभव के आधार पर समझाने की कोशिश की।
E20 पेट्रोल को लेकर क्या बोले अरविंद केजरीवाल?
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि E20 पेट्रोल लागू होने के बाद वाहन मालिकों की ओर से कई तरह की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे वाहनों की ईंधन दक्षता (माइलेज) कम होने की बातें सामने आ रही हैं और कुछ वाहन मालिकों को अतिरिक्त मरम्मत खर्च भी उठाना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से इस विषय पर विस्तृत समीक्षा और पारदर्शी जानकारी साझा करने की मांग भी की।
मैकेनिक ने मंच से बताए अपने अनुभव
कार्यक्रम में शामिल मोटर मैकेनिक अमीर खान ने बताया कि वह पिछले 12 से 13 वर्षों से पेट्रोल से चलने वाले दोपहिया वाहनों की मरम्मत कर रहे हैं। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि हाल के समय में E20 पेट्रोल के उपयोग के बाद कुछ वाहनों में नई प्रकार की तकनीकी समस्याएं देखने को मिली हैं। उनके अनुसार, विशेष रूप से लंबे समय तक खड़े रहने वाले वाहनों में ईंधन प्रणाली से जुड़ी शिकायतें अधिक सामने आ रही हैं।
किन वाहनों में बताई गई ज्यादा परेशानी?
अमीर खान के मुताबिक, पुराने BS-III और BS-IV मानक वाले वाहनों में सबसे अधिक दिक्कतें देखने को मिल रही हैं। उन्होंने एक कार्बोरेटर का उदाहरण देते हुए बताया कि यदि बाइक या स्कूटर लंबे समय तक इस्तेमाल न किया जाए तो उसमें मौजूद E20 पेट्रोल के कारण जमाव बनने की संभावना बढ़ सकती है। इससे कार्बोरेटर में गंदगी जमा हो सकती है, जिसके चलते वाहन स्टार्ट होने में परेशानी या इंजन के ठीक से काम न करने जैसी शिकायतें सामने आ सकती हैं।
BS-VI वाहनों को लेकर भी किया दावा
मैकेनिक ने यह भी दावा किया कि केवल पुराने वाहन ही नहीं, बल्कि कुछ E20 कम्प्लायंट BS-VI वाहनों के मालिकों ने भी पिकअप कम होने, माइलेज घटने और चलते-चलते इंजन बंद होने जैसी समस्याओं की शिकायत की है। उनके अनुसार, कुछ मामलों में फ्यूल पंप का फिल्टर जल्दी चोक होने से सर्विस और रखरखाव का खर्च बढ़ सकता है।
E20 पेट्रोल पर बहस तेज
E20 पेट्रोल को लेकर हाल के दिनों में तकनीकी विशेषज्ञों, वाहन निर्माताओं, नीति निर्माताओं और राजनीतिक दलों के बीच चर्चा तेज हो गई है। जहां एक ओर इसे स्वच्छ ईंधन और आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया जाता है, वहीं दूसरी ओर कुछ पक्ष इसके प्रभाव को लेकर सवाल उठा रहे हैं। वाहन उपयोगकर्ताओं के लिए यह आवश्यक है कि वे अपने वाहन निर्माता द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार ही उपयुक्त ईंधन का उपयोग करें।
