पटना: बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव में निर्वाचित माननीय सदस्य श्री प्रशांत किशोर ने आज बिहार विधानसभा में अपने पद की शपथ ग्रहण की। उन्होंने बिहार विधानसभा के माननीय अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार के कार्यालय कक्ष में उनके समक्ष शपथ ली। शपथ ग्रहण के दौरान विधानसभा से जुड़े वरीय पदाधिकारी एवं अन्य गणमान्यजन भी मौजूद रहे।
अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने प्रशांत किशोर को दी बधाई
शपथ ग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने श्री प्रशांत किशोर को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। अध्यक्ष ने जनप्रतिनिधि के रूप में उनके सफल कार्यकाल की कामना करते हुए उम्मीद जताई कि वे अपने विधानसभा क्षेत्र की जनता की अपेक्षाओं और समस्याओं को सदन के माध्यम से प्रभावी तरीके से सामने रखेंगे।
जनता की आवाज सदन तक पहुंचाना जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने लोकतांत्रिक व्यवस्था में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि जनता द्वारा चुने गए प्रत्येक प्रतिनिधि की जिम्मेदारी है कि वह अपने क्षेत्र के लोगों की आकांक्षाओं और समस्याओं को समझे और उन्हें सदन के माध्यम से प्रभावी ढंग से उठाने का प्रयास करे।
उन्होंने यह भी कहा कि जनप्रतिनिधियों को राज्य के विकास में सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए। विधानसभा जनता से जुड़े मुद्दों को उठाने और उन पर चर्चा के लिए महत्वपूर्ण मंच है। ऐसे में निर्वाचित सदस्यों से अपेक्षा रहती है कि वे अपने क्षेत्र के साथ-साथ राज्य के व्यापक हित में भी सक्रिय योगदान दें।
शपथ ग्रहण के दौरान मौजूद रहे अधिकारी और गणमान्यजन
प्रशांत किशोर के शपथ ग्रहण कार्यक्रम के दौरान बिहार विधानसभा सभा सचिवालय की प्रभारी सचिव सहित वरीय पदाधिकारीगण एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे। शपथ ग्रहण के साथ ही बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव में निर्वाचित श्री प्रशांत किशोर ने औपचारिक रूप से बिहार विधानसभा के सदस्य के रूप में अपनी जिम्मेदारी संभाली।
बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र के लिए नई जिम्मेदारी
बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र से उपचुनाव में निर्वाचित होने के बाद प्रशांत किशोर के सामने अब अपने क्षेत्र की जनता से जुड़े मुद्दों को बिहार विधानसभा में उठाने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होगी। शपथ ग्रहण के बाद उनके विधानसभा कार्यकाल की औपचारिक शुरुआत हो गई है। क्षेत्र की जनता की अपेक्षाओं और स्थानीय समस्याओं को सदन में किस तरह प्राथमिकता के साथ उठाया जाता है, इस पर भी लोगों की नजर रहेगी।
