फ्लाईदुबई हमले में कैप्टन स्मित की खोपड़ी टूटी, सऊदी में हुई इमरजेंसी सर्जरी; दर्द और खून बहने के बावजूद बचाई सैकड़ों यात्रियों की जान

फ्लाईदुबई की दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट में हुए खौफनाक कॉकपिट हमले को लेकर अब कैप्टन स्मित मच्छार की चोटों से जुड़ी गंभीर जानकारी सामने आई है। भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार को हमले के दौरान सिर में इतनी गंभीर चोट लगी कि उनकी खोपड़ी में फ्रैक्चर हो गया। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्हें सऊदी अरब में तत्काल चिकित्सा उपचार और खोपड़ी की सर्जरी करानी पड़ी, जिसके बाद बेहतर इलाज के लिए उन्हें संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE ले जाया गया।

NDTV ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि फ्लाइट के दौरान ओमान के को-पायलट हमाम अल-हम्मामी के हमले में कैप्टन स्मित को ‘डिप्रेस्ड स्कल फ्रैक्चर’ हुआ। इस तरह के फ्रैक्चर में खोपड़ी की टूटी हुई हड्डी का हिस्सा अंदर की तरफ दब जाता है। घटना के बाद सऊदी अरब में डॉक्टरों ने उनकी खोपड़ी की क्षतिग्रस्त हड्डी का उपचार किया और इसके बाद उन्हें अबू धाबी ले जाया गया।

कॉकपिट में हुआ हमला, कैप्टन स्मित पर किया गया वार

दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में उड़ान के दौरान कॉकपिट के भीतर कैप्टन स्मित और उनके ओमानी को-पायलट के बीच हिंसक घटना हुई। UAE अधिकारियों के मुताबिक, को-पायलट ने कॉकपिट में मौजूद क्रैश ऐक्स से कैप्टन पर हमला किया था। अधिकारियों ने इस घटना को कथित आतंकी हमले के प्रयास के तौर पर वर्गीकृत किया है।

हमले के दौरान कैप्टन स्मित गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी और विमान को नियंत्रण में रखने की कोशिश जारी रखी। उनके सिर से तेजी से खून बह रहा था और उन्हें गंभीर चोटें आई थीं, लेकिन उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाबी हासिल की।

खून बहने के बावजूद खोला कॉकपिट का दरवाजा

कैप्टन स्मित की इस कोशिश ने विमान में मौजूद यात्रियों और क्रू सदस्यों को कॉकपिट तक पहुंचने का मौका दिया। दरवाजा खुलने के बाद यात्रियों और चालक दल के सदस्यों ने मिलकर हमलावर को काबू किया। इस दौरान विमान को स्थिर करने में भी मदद मिली। NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, कैप्टन स्मित ने गंभीर चोट और तेजी से हो रहे रक्तस्राव के बावजूद यह महत्वपूर्ण कदम उठाया था।

इसके बाद फ्लाइट को सऊदी अरब के ताबुक स्थित प्रिंस सुल्तान बिन अब्दुलअजीज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर आपातकालीन लैंडिंग करानी पड़ी। विमान में 170 से अधिक यात्री और क्रू सदस्य सवार थे।

क्या होता है ‘डिप्रेस्ड स्कल फ्रैक्चर’?

डिप्रेस्ड स्कल फ्रैक्चर सिर की एक गंभीर चोट मानी जाती है। इसमें सिर पर जोरदार चोट लगने के कारण खोपड़ी की हड्डी टूट जाती है और उसका कोई हिस्सा सामान्य स्थिति से नीचे की तरफ, यानी मस्तिष्क की दिशा में धंस सकता है।

इस तरह की चोट इसलिए गंभीर होती है क्योंकि टूटी हुई हड्डी का हिस्सा मस्तिष्क पर दबाव डाल सकता है या आसपास के ऊतकों को नुकसान पहुंचा सकता है। चोट की गंभीरता के आधार पर मरीज को तत्काल चिकित्सा निगरानी और कई मामलों में सर्जिकल उपचार की जरूरत पड़ सकती है। कैप्टन स्मित के मामले में भी सऊदी अरब में तत्काल उपचार किया गया और उनकी खोपड़ी के क्षतिग्रस्त हिस्से का इलाज किया गया।

सिर के अलावा शरीर के दूसरे हिस्सों में भी चोट

कैप्टन स्मित को सिर्फ सिर में ही चोट नहीं लगी थी। रिपोर्ट के मुताबिक, हमले में उनके हाथ-पैर, छाती और ऊपरी पेट के हिस्से में भी चोटें आईं। इसके बावजूद उनकी हालत में अब सुधार की जानकारी सामने आई है।

सऊदी अरब में शुरुआती उपचार के बाद कैप्टन स्मित को बेहतर और उन्नत चिकित्सा सुविधा के लिए एयरलिफ्ट करके अबू धाबी ले जाया गया। उन्हें सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उनकी स्थिति पर लगातार नजर रख रही है।

अब कैसी है कैप्टन स्मित की हालत?

ताजा जानकारी के मुताबिक कैप्टन स्मित उपचार का जवाब दे रहे हैं और उनकी सेहत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। भारतीय दूतावास ने भी उनके स्वास्थ्य को लेकर बताया है कि वह लगातार रिकवर कर रहे हैं और उनकी हालत में सुधार हो रहा है।

कैप्टन के परिवार को अस्पताल में उनसे मिलने की अनुमति दी गई है। परिवार को उनके स्वास्थ्य से जुड़े नियमित अपडेट भी दिए जा रहे हैं। डॉक्टरों की विशेष टीम उनकी निगरानी कर रही है ताकि सिर और शरीर में आई गंभीर चोटों से रिकवरी के दौरान किसी तरह की जटिलता न हो।

कैसे टल गया बड़ा विमान हादसा?

फ्लाईदुबई की यह फ्लाइट दुबई से तेल अवीव की ओर जा रही थी। उड़ान के दौरान कॉकपिट में हुए हमले के बाद विमान की स्थिति बेहद गंभीर हो गई थी। शुरुआती घटनाक्रम के दौरान विमान की ऊंचाई में भी तेज बदलाव आया और आपातकालीन स्थिति पैदा हो गई।

गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की। इसके बाद यात्रियों और क्रू ने अंदर पहुंचकर हमलावर को काबू करने में मदद की। बाद में विमान को सऊदी अरब की ओर मोड़ा गया और ताबुक में उसकी इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई।

कैप्टन स्मित को क्यों कहा जा रहा है ‘हीरो पायलट’?

हमले के दौरान खुद गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित ने विमान और उसमें सवार लोगों की सुरक्षा के लिए संघर्ष जारी रखा। उनकी कार्रवाई से यात्रियों और क्रू को कॉकपिट में पहुंचकर स्थिति संभालने का मौका मिला।

घटना के बाद भारत समेत कई देशों में कैप्टन स्मित के साहस की चर्चा हुई। अब उनकी गंभीर चोट और सऊदी अरब में हुए आपातकालीन उपचार की जानकारी सामने आने के बाद इस घटना की गंभीरता और भी स्पष्ट हो गई है।

फ्लाईदुबई कॉकपिट हमले की जांच UAE के नेतृत्व में जारी है। जांच एजेंसियां हमले के मकसद, को-पायलट की पृष्ठभूमि और इस घटना से जुड़े अन्य संभावित पहलुओं की जांच कर रही हैं।

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