Shahdol Crime News: मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के ग्राम कोठिया में बेटे की हत्या के बाद फरार चल रहे 55 वर्षीय नंदकुमार सिंह गोंड का शव मंगलवार सुबह रेलवे ट्रैक पर मिला। पुलिस के अनुसार, दो अक्टूबर को बेटे सिंघराज सिंह गोंड की कुल्हाड़ी से हत्या करने के बाद नंदकुमार मौके से फरार हो गया था। पिछले पांच दिनों से पुलिस की कई टीमें आसपास के घने जंगलों में उसकी तलाश कर रही थीं।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, नंदकुमार की मौत ट्रेन की चपेट में आने से हुई है और पुलिस इसे आत्महत्या की आशंका से जोड़कर जांच कर रही है। उसका शव हत्या स्थल से करीब तीन किलोमीटर दूर रेलवे ट्रैक पर मिला।
मामूली विवाद के बाद बेटे पर किया था कुल्हाड़ी से हमला
पुलिस के अनुसार, ग्राम कोठिया में 2 अक्टूबर को नंदकुमार सिंह गोंड और उसके बेटे सिंघराज सिंह गोंड के बीच किसी मामूली बात को लेकर विवाद हुआ था। बातचीत के दौरान विवाद बढ़ गया और स्थिति मारपीट तक पहुंच गई।
आरोप है कि इसी दौरान नंदकुमार ने बेटे पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने के कारण सिंघराज की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद नंदकुमार वहां से भाग निकला और आसपास के घने जंगलों में जाकर छिप गया।
घटना की जानकारी मिलने के बाद ब्यौहारी पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी थी।
पांच दिन तक जंगल में चलती रही पुलिस की तलाश
बेटे की हत्या के बाद आरोपी पिता को पकड़ने के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार जंगलों में सर्चिंग कर रही थीं। थाना प्रभारी अभिलाष मिश्रा के अनुसार, पुलिस ग्रामीणों की मदद से दिन-रात आरोपी की तलाश में जुटी हुई थी।
पुलिस टीम ने घटना से जुड़े संभावित इलाकों और जंगल के अलग-अलग हिस्सों में तलाशी अभियान चलाया। बीती रात भी 100 से अधिक ग्रामीणों के साथ पुलिस ने करीब रात दो बजे तक जंगल में सर्चिंग की, लेकिन घना जंगल होने के कारण आरोपी का कोई सुराग नहीं मिल पाया।
भांजे को फोन कर जताया था हत्या का अफसोस
इस बीच आरोपी नंदकुमार की अपने भांजे से हुई बातचीत का एक ऑडियो सामने आया है। बताया जा रहा है कि जंगल में छिपे नंदकुमार ने भांजे को फोन किया था।
पुलिस के अनुसार, बातचीत के दौरान उसने कथित तौर पर कहा कि उससे यह हत्या कैसे हो गई, उसे खुद समझ नहीं आ रहा है। उसने घटना को लेकर अफसोस भी जताया था। बातचीत के बाद नंदकुमार ने अपना फोन बंद कर लिया और इसके बाद पुलिस उसकी तलाश करती रही।
उस फोन कॉल के बाद पुलिस ने जंगल में उसकी तलाश और तेज कर दी थी, लेकिन वह नहीं मिला।
हत्या स्थल से करीब तीन किलोमीटर दूर रेलवे ट्रैक पर मिला शव
मंगलवार सुबह पुलिस को रेलवे ट्रैक पर एक व्यक्ति के ट्रेन की चपेट में आने की सूचना मिली। जानकारी मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। ग्रामीणों और रेलवे कर्मचारियों की मदद से शव की पहचान कराई गई।
जांच के दौरान मृतक की पहचान नंदकुमार सिंह गोंड के रूप में हुई, जो अपने बेटे सिंघराज की हत्या के मामले में पुलिस की तलाश में था। प्रारंभिक जानकारी में उसके ट्रेन के सामने आने की बात सामने आई है। हालांकि, पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और मौत से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
घटनास्थल के पास मिली हत्या में इस्तेमाल टांगी
पुलिस की कार्रवाई के दौरान रेलवे ट्रैक के आसपास हत्या में इस्तेमाल की गई टांगी मिलने की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा सहित अन्य कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बेटे की हत्या के बाद आरोपी किन परिस्थितियों में रेलवे ट्रैक तक पहुंचा और उसकी मौत की पूरी परिस्थितियां क्या थीं।
बेटे की हत्या से लेकर आरोपी की मौत तक की पूरी कहानी
ग्राम कोठिया में 2 अक्टूबर को पिता-पुत्र के बीच मामूली बात को लेकर विवाद हुआ। विवाद बढ़ने के बाद पुलिस के अनुसार, पिता नंदकुमार ने बेटे सिंघराज पर कुल्हाड़ी से हमला किया, जिससे उसकी मौत हो गई।
वारदात के बाद नंदकुमार जंगल की ओर फरार हो गया। पुलिस ने उसे पकड़ने के लिए पांच दिनों तक लगातार सर्चिंग अभियान चलाया। इसी दौरान उसने कथित तौर पर अपने भांजे से फोन पर बात कर घटना पर अफसोस जताया और फिर फोन बंद कर लिया।
पांचवें दिन मंगलवार सुबह हत्या स्थल से करीब तीन किलोमीटर दूर रेलवे ट्रैक पर उसका शव मिला। अब पुलिस बेटे की हत्या और नंदकुमार की मौत, दोनों घटनाओं से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।
पुलिस ने शुरू की आगे की जांच
ब्यौहारी पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस रेलवे ट्रैक के आसपास के क्षेत्र, घटनास्थल और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है। साथ ही, मामले से जुड़े लोगों से भी जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि नंदकुमार रेलवे ट्रैक तक किस तरह पहुंचा और उसकी मौत की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं।
