Ambikapur Murder News: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर शहर से लगे ग्राम खैरबार में वाहन मैकेनिक का काम सीख रहे एक युवक की हत्या के मामले में कोतवाली पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि 3 अक्टूबर की रात हुए विवाद के बाद दोनों युवकों ने गैरेज के पास स्थित कमरे में पहुंचकर युवक की गर्दन पर बसुले से हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
मृतक की पहचान कोरिया जिले के पटना निवासी विश्वजीत कुल्हाड़े उर्फ राजा के रूप में हुई है। वह पिछले करीब एक साल से अंबिकापुर के मायापुर निवासी रमेश सोनी के खैरबार स्थित बदुलापारा गैरेज में वाहन मैकेनिक का काम सीख रहा था। घटना के बाद गैरेज मालिक की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और दोनों संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
गैरेज के कमरे में मिली थी युवक की गर्दन कटी लाश
पुलिस के अनुसार, 3 अक्टूबर की रात गैरेज से लगे कमरे में विश्वजीत की लाश मिली थी। उसके गर्दन पर धारदार औजार से हमला किए जाने के निशान थे। घटना की सूचना मिलने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया।
गैरेज मालिक रमेश सोनी की रिपोर्ट पर कोतवाली पुलिस ने 4 अक्टूबर को नामजद आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज किया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने के बाद आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर उसे परिजनों को सौंप दिया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की। जांच के दौरान खैरबार के बदुलापारा निवासी आकाश उर्फ चिंटू पिता शंभू सिंह, उम्र 26 वर्ष और आकाश कंवर पिता कैलाश कंवर, उम्र 19 वर्ष को हिरासत में लिया गया।
करमा देखने के दौरान हुआ था विवाद
पुलिस की पूछताछ में सामने आए घटनाक्रम के अनुसार, 3 अक्टूबर की रात विश्वजीत अपने साथी बदुलापारा निवासी शनि के साथ गांव में करमा देखने गया था। इसी दौरान उसकी दोनों आरोपियों से किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई।
बताया गया है कि विवाद बढ़ने के बाद चारों के बीच मारपीट भी हुई। मारपीट के बाद विश्वजीत और उसका साथी शनि वापस गैरेज की ओर लौट आए थे।
पीछे से बसुला लेकर गैरेज पहुंचे आरोपी
पुलिस के मुताबिक, विवाद के कुछ समय बाद दोनों आरोपी कथित तौर पर बसुला लेकर गैरेज के पास पहुंचे। वहां फिर से विवाद और मारपीट हुई। इसी दौरान आरोपियों ने विश्वजीत की गर्दन पर बसुले से वार कर दिया।
हमले में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी वहां से चले गए। बाद में गैरेज के कमरे में युवक का शव मिलने के बाद मामले की जानकारी पुलिस को दी गई।
पूछताछ में हत्या की बात स्वीकार करने का पुलिस का दावा
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस का कहना है कि पूछताछ में दोनों ने विश्वजीत की हत्या करने की बात स्वीकार की।
इसके बाद पुलिस ने कथित वारदात में इस्तेमाल किए गए दो बसुले भी आरोपियों के कब्जे से जब्त किए। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद सोमवार को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
एक साल से गैरेज में मैकेनिक का काम सीख रहा था विश्वजीत
मृतक विश्वजीत कुल्हाड़े उर्फ राजा कोरिया जिले के पटना का रहने वाला था। जानकारी के अनुसार, वह करीब एक साल से अंबिकापुर में रहकर वाहन मैकेनिक का काम सीख रहा था।
वह मायापुर निवासी रमेश सोनी के ग्राम खैरबार के बदुलापारा स्थित गैरेज में काम करता था। गैरेज से सटे कमरे में ही उसकी हत्या की गई। घटना के बाद परिवार में मातम का माहौल है।
पुलिस टीम ने आरोपियों को भेजा जेल
हत्या की जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी की कार्रवाई में कोतवाली थाना प्रभारी उप निरीक्षक अखिलेश सिंह, एसआई सत्येंद्र सिंह, प्रधान आरक्षक मुकेश गुप्ता, परवेज फिरदौसी, नितिन सिन्हा, विवेक राय, लालबाबू सिंह और सैनिक दशरथ गुप्ता शामिल रहे।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। मामले में पुलिस द्वारा आगे की जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी है।
Ambikapur Murder Case: जांच में सामने आए अहम बिंदु
अंबिकापुर के खैरबार में हुई इस हत्या के मामले में पुलिस ने विवाद, मारपीट और उसके बाद हुए हमले को जांच का प्रमुख आधार बनाया है। पुलिस के अनुसार, शुरुआती विवाद गांव में करमा देखने के दौरान हुआ था, जिसके बाद आरोपियों और मृतक के बीच दोबारा विवाद हुआ।
पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल बताए जा रहे दो बसुले जब्त कर लिए हैं और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच पुलिस की ओर से की जा रही है।
