राहुल गांधी छत्रसाल स्टेडियम, प्रियंका गांधी मंदिर मार्ग थाने पहुंचीं; हिरासत के बाद सोनिया गांधी ने की मुलाकात, कांग्रेस का केंद्र पर बड़ा हमला

NEET और पेपर लीक से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रधानमंत्री आवास के बाहर हुए कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के बाद दिल्ली की सियासत और गर्म हो गई। प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए कांग्रेस नेताओं को अलग-अलग स्थानों पर ले जाया गया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को दिल्ली पुलिस छत्रसाल स्टेडियम लेकर पहुंची, जबकि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को मंदिर मार्ग थाने में रखा गया। इसी बीच कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी सीधे मंदिर मार्ग थाने पहुंचीं और प्रियंका गांधी से मुलाकात की। पूरे घटनाक्रम ने राष्ट्रीय राजनीति में नई बहस को जन्म दे दिया है।

मंदिर मार्ग थाने पहुंचीं सोनिया गांधी, प्रियंका से की मुलाकात

दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद प्रियंका गांधी को नई दिल्ली के मंदिर मार्ग थाने में रखा गया। कुछ ही देर बाद सोनिया गांधी वहां पहुंचीं और प्रियंका गांधी से मुलाकात की। इस दौरान थाने के बाहर बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे।

करीब कुछ समय तक चली मुलाकात के बाद सोनिया गांधी बिना मीडिया से बातचीत किए वहां से रवाना हो गईं। हालांकि उनके थाने पहुंचने से पूरे घटनाक्रम ने राजनीतिक महत्व और बढ़ा दिया।

राहुल गांधी को छत्रसाल स्टेडियम ले गई दिल्ली पुलिस

प्रदर्शन स्थल से हिरासत में लेने के बाद दिल्ली पुलिस राहुल गांधी को छत्रसाल स्टेडियम लेकर पहुंची। वहीं समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव सहित कई अन्य विपक्षी नेताओं को भी हिरासत में लिया गया।

कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के बावजूद पुलिस ने सख्ती बरती और विपक्षी नेताओं को जबरन प्रदर्शन स्थल से हटाया गया।

पीएम आवास के बाहर प्रदर्शन के दौरान हुई कार्रवाई

मंगलवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और विपक्ष के कई अन्य नेता प्रधानमंत्री आवास के बाहर पहुंचकर NEET, पेपर लीक और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे।

प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए कई नेताओं को हिरासत में लिया। इसके बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को अलग-अलग स्थानों पर ले जाया गया।

कांग्रेस ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

कांग्रेस ने पूरे घटनाक्रम के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया। पार्टी का आरोप है कि छात्रों के मुद्दे पर जवाब देने के बजाय सरकार विरोध की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि राहुल गांधी को प्रदर्शन स्थल से जबरन हटाकर हिरासत में लिया गया, जबकि प्रियंका गांधी के साथ भी पुलिस ने सख्ती दिखाई। पार्टी ने दावा किया कि विपक्षी नेताओं के लोकतांत्रिक विरोध को रोकने का प्रयास किया गया।

प्रियंका गांधी बोलीं- सरकार हमसे डरती है

हिरासत के बाद प्रियंका गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सरकार छात्रों के सवालों से घबराई हुई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाती रहेगी और सरकार से जवाब मांगना जारी रखेगी।

प्रियंका गांधी ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विरोध दर्ज कराना हर नागरिक का अधिकार है और पार्टी इस अधिकार की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी।

खरगे ने दोहराई शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों के भविष्य से जुड़े गंभीर सवालों पर जवाब देने के बजाय विरोध की आवाज को दबा रही है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों युवाओं के भविष्य को प्रभावित किया है और इस पूरे मामले में जवाबदेही तय होनी चाहिए।

खरगे ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा कि सरकार को संसद और जनता के सामने इस पूरे मामले पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए।

छात्रों के मुद्दे पर तेज हुई सियासी लड़ाई

NEET, पेपर लीक और छात्रों के भविष्य को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब पूरी तरह राजनीतिक रूप ले चुका है। एक ओर कांग्रेस सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगा रही है, जबकि सरकार का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। ऐसे में आने वाले दिनों में संसद के भीतर और बाहर इस मुद्दे पर राजनीतिक घमासान और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

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