संसद परिसर में काले कपड़ों में उतरा विपक्ष, राहुल गांधी-प्रियंका गांधी समेत सांसदों का प्रदर्शन; शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की उठी मांग

नई दिल्ली : छात्र आंदोलन, नीट (NEET) परीक्षा और परीक्षा प्रणाली से जुड़े विवादों को लेकर संसद के मानसून सत्र के दौरान बुधवार को विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। संसद भवन परिसर में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव सहित INDIA गठबंधन के कई सांसद काले कपड़े पहनकर विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए।

विपक्षी सांसदों ने प्रदर्शन के दौरान शिक्षा व्यवस्था में सुधार, छात्रों को न्याय और नीट पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय करने की मांग उठाई। इस दौरान शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए कई नारे भी लगाए गए।

काले कपड़ों में संसद पहुंचे विपक्षी सांसद

संसद परिसर में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान कई सांसदों के हाथों में ऐसे पोस्टर और तख्तियां दिखाई दीं, जिन पर नीट परीक्षा, पेपर लीक और छात्रों से जुड़े संदेश लिखे थे। विपक्ष का आरोप था कि परीक्षा प्रणाली में सामने आई अनियमितताओं ने लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित किया है और सरकार इस मुद्दे पर पर्याप्त जवाबदेही नहीं निभा रही है।

प्रदर्शन के दौरान विभिन्न विपक्षी दलों के सांसदों ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए नारे लगाए। साथ ही छात्रों के समर्थन में भी आवाज बुलंद की गई।

राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव रहे मौजूद

विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के अलावा समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव सहित कई विपक्षी सांसद शामिल हुए। विपक्षी नेताओं ने इस प्रदर्शन को छात्रों के आंदोलन के समर्थन और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग से जुड़ा बताया।

विपक्ष का कहना है कि छात्रों की समस्याओं और परीक्षा प्रणाली में सुधार के मुद्दे पर सरकार को संसद के भीतर और बाहर स्पष्ट जवाब देना चाहिए।

मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार पर साधा निशाना

कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी इस दौरान केंद्र सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप काम नहीं कर रही है और विरोध की आवाज उठाने वालों के साथ उचित व्यवहार नहीं किया जा रहा।

खड़गे ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विपक्ष और छात्रों की बात सुनना सरकार की जिम्मेदारी होती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विरोध प्रदर्शन करने वाले नेताओं और छात्रों पर अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है।

पहचान बैज को लेकर भी उठाए सवाल

मल्लिकार्जुन खड़गे ने यह भी दावा किया कि संसद परिसर के बाहर कुछ ऐसे लोग मौजूद थे, जिनके पास पहचान संबंधी बैज नहीं थे, लेकिन वे पुलिस के साथ दिखाई दे रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे लोगों के जरिए छात्रों और विपक्षी नेताओं पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है।

हालांकि इन आरोपों पर सरकार की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।

कांग्रेस और INDIA गठबंधन ने जारी रखने की कही लड़ाई

खड़गे ने कहा कि यदि छात्रों और विपक्षी नेताओं की आवाज को दबाने का प्रयास किया जाएगा, तो इसका व्यापक राजनीतिक और सामाजिक असर देखने को मिल सकता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और INDIA गठबंधन शिक्षा व्यवस्था, छात्रों के अधिकार और लोकतांत्रिक विरोध के मुद्दों को लेकर अपनी लड़ाई आगे भी जारी रखेंगे।

उनका कहना था कि छात्रों से जुड़े मामलों में सरकार को संवाद और जवाबदेही का रास्ता अपनाना चाहिए, ताकि शिक्षा व्यवस्था में लोगों का भरोसा मजबूत हो सके।

शिक्षा व्यवस्था को लेकर बढ़ी राजनीतिक हलचल

नीट परीक्षा, पेपर लीक और छात्र आंदोलन को लेकर देशभर में जारी बहस के बीच संसद के भीतर और बाहर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। विपक्ष लगातार सरकार से शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग कर रहा है।

वहीं सरकार का कहना है कि शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। आने वाले दिनों में संसद में होने वाली चर्चा और सरकार की आगे की रणनीति पर सभी की नजर बनी हुई है।

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