Saharanpur Disha Meeting: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति यानी दिशा की बैठक उस समय चर्चा में आ गई, जब कांग्रेस सांसद इमरान मसूद और समाजवादी पार्टी के विधायक आशु मलिक के बीच एक अधूरे नाले के मुद्दे पर तीखी बहस हो गई। बैठक में समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन समेत कई अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद थे। बैठक के दौरान हुई नोकझोंक का वीडियो सामने आने के बाद यह मामला राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा का विषय बन गया है।
अधूरे नाले का मुद्दा उठा तो गरमा गया माहौल
दिशा बैठक के दौरान सपा विधायक आशु मलिक ने एक गांव में लंबे समय से अधूरे पड़े नाले का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि पिछली बैठक में भी इस समस्या को सामने रखा गया था, लेकिन अब तक काम पूरा नहीं हुआ। आशु मलिक का आरोप था कि नाले का काम करने वाला ठेकेदार आधा काम छोड़कर चला गया और उसके खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
आशु मलिक के इस मुद्दे को उठाने के बाद बैठक का माहौल गर्म हो गया। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने बैठक को निर्धारित एजेंडे और नियमों के अनुसार चलाने पर जोर दिया। इसी दौरान दोनों नेताओं के बीच बहस शुरू हो गई।
‘चाय-पकौड़ी खाने नहीं, जनता के मुद्दे उठाने आए हैं’
बहस के दौरान आशु मलिक ने अपनी बात रखते हुए कहा कि जनप्रतिनिधि बैठक में जनता की समस्याओं को उठाने के लिए आते हैं। उन्होंने कहा कि वह यहां ‘चाय-पकौड़ी खाने नहीं, जनता के मुद्दे उठाने आए हैं।’ उनका कहना था कि जब उन्होंने किसी समस्या को उठाया है और वह दिए गए जवाब से संतुष्ट नहीं हैं, तो उन्हें अपनी बात पूरी रखने का अधिकार है।
इमरान मसूद ने बैठक की प्रक्रिया और नियमों का हवाला देते हुए कहा कि दिशा की बैठक निर्धारित एजेंडे के अनुसार चलनी चाहिए। उन्होंने आशु मलिक से नियमों के तहत अपनी बात रखने को कहा। इस पर आशु मलिक ने भी पलटवार करते हुए कहा कि वह बैठक के नियमों को अच्छी तरह जानते हैं और जनता से जुड़े मुद्दे उठाना उनका अधिकार है।
नियमों को लेकर भी आमने-सामने आए दोनों नेता
नोकझोंक के दौरान इमरान मसूद ने कहा कि यह दिशा की बैठक है और इसे नियमों तथा चेयर की अनुमति के मुताबिक चलाया जाएगा। आशु मलिक ने इसका जवाब देते हुए कहा कि उन्हें अपनी बात रखने से कोई नहीं रोक सकता।
अधूरे नाले के मुद्दे से शुरू हुई बहस कुछ देर तक बैठक के संचालन और जनप्रतिनिधियों को बोलने के अधिकार को लेकर चलती रही। मौजूद लोगों ने मामले को शांत कराने की कोशिश की। पूरी घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी दोनों नेताओं की बहस को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।
इमरान मसूद ने विवाद पर दी सफाई
बैठक में बहस के दौरान इमरान मसूद ने आशु मलिक से किसी पर गलत जानकारी देने का आरोप नहीं लगाने की बात कही। आशु मलिक ने अपनी बात पर कायम रहते हुए मामले की जांच कराने की बात कही।
बाद में बैठक का वीडियो सामने आने के बाद इमरान मसूद ने पूरे घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि बैठकों में इस तरह की बहस होना कोई असामान्य बात नहीं है। उनके अनुसार, आशु मलिक बैठक के निर्धारित एजेंडे से अलग जा रहे थे और किसी की बात सुनने के लिए तैयार नहीं थे, इसलिए उन्हें रोकना जरूरी था।
इमरान मसूद ने यह भी कहा कि दिशा समिति की बैठक का मूल उद्देश्य निर्वाचित जनप्रतिनिधियों और स्थानीय अधिकारियों को एक मंच पर लाकर जनता से जुड़ी समस्याओं का समाधान कराना है।
आशु मलिक का पलटवार, बोले- अपनी बात रखना अधिकार
इमरान मसूद की सफाई के बाद आशु मलिक ने भी अपनी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि बैठक में अपनी बात रखने के लिए किसी की अनुमति की जरूरत नहीं होनी चाहिए, क्योंकि जनता की समस्याओं को उठाना निर्वाचित जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी है।
आशु मलिक के मुताबिक, यदि किसी मुद्दे पर जवाब से संतुष्टि नहीं होती है तो उस पर सवाल पूछना और समाधान की मांग करना उनका अधिकार है। इसी बात को लेकर दोनों नेताओं के बीच बैठक में तीखी बहस देखने को मिली।
BJP ने कांग्रेस-सपा की नोकझोंक पर साधा निशाना
सहारनपुर की दिशा बैठक में कांग्रेस सांसद और सपा विधायक के बीच हुई इस बहस को बीजेपी ने भी राजनीतिक मुद्दा बना लिया। उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने घटनाक्रम पर तंज कसते हुए इसे विपक्षी गठबंधन के भीतर की खींचतान से जोड़ दिया।
दिनेश शर्मा ने कहा कि इंडी गठबंधन के ‘इंजन आपस में टकरा रहे हैं।’ उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव और राहुल गांधी नेताओं पर गठबंधन थोपने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि गठबंधन से जुड़े नेता ही एक-दूसरे के साथ सहज नहीं हैं।
सहारनपुर की बैठक का वीडियो बना राजनीतिक चर्चा का विषय
सहारनपुर की दिशा बैठक में हुई यह बहस अब केवल स्थानीय प्रशासनिक बैठक तक सीमित नहीं रही है। अधूरे नाले जैसे स्थानीय मुद्दे से शुरू हुआ विवाद कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के नेताओं के बीच राजनीतिक मतभेद की चर्चा तक पहुंच गया है। बैठक का वीडियो सामने आने के बाद इमरान मसूद और आशु मलिक दोनों के बयानों को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं।
फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम में सबसे अहम बात यही है कि जनता से जुड़े एक अधूरे नाले के मुद्दे को लेकर शुरू हुई बहस ने दिशा बैठक के संचालन, जनप्रतिनिधियों के अधिकार और विपक्षी गठबंधन के बीच तालमेल पर नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है।
