हल्दीपोखर (जमशेदपुर): झारखंड के हल्दीपोखर में सोमवार सुबह स्कूली बच्चों को लेकर जा रहा एक ऑटो रिक्शा सड़क हादसे का शिकार हो गया। हल्दीपोखर-हाता नेशनल हाईवे-220 पर भारत पेट्रोलियम के नजदीक ऑटो अनियंत्रित होकर बीच सड़क पर पलट गया। हादसे के वक्त ऑटो में विद्या भारती इंग्लिश स्कूल के 9 बच्चे सवार थे। इस दुर्घटना में तीन बच्चे घायल हो गए, जिनमें दो को अधिक चोटें आई हैं। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई, वहीं बच्चों के अभिभावकों में नाराजगी देखने को मिली।
हल्दीपोखर-हाता हाईवे पर कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह हल्दीपोखर मुस्लिम बस्ती से विद्या भारती इंग्लिश स्कूल के बच्चों को लेकर एक ऑटो रिक्शा निकला था। इसी दौरान हल्दीपोखर-हाता नेशनल हाईवे-220 पर भारत पेट्रोलियम के करीब ऑटो चालक का वाहन पर नियंत्रण बिगड़ गया। देखते ही देखते ऑटो बीच सड़क पर पलट गया। हादसे के समय वाहन में कुल 9 बच्चे सवार थे। अचानक हुए इस हादसे से बच्चों में चीख-पुकार मच गई।
तीन बच्चे घायल, दो को आई ज्यादा चोटें
ऑटो पलटने के कारण तीन बच्चे घायल हो गए। घटना के बाद स्थानीय लोग तुरंत मदद के लिए आगे आए। लोगों ने तत्परता दिखाते हुए घायल बच्चों को नजदीकी नर्सिंग होम पहुंचाया, जहां उनका उपचार कराया गया। जानकारी के मुताबिक, दो बच्चों को अपेक्षाकृत ज्यादा चोटें आई हैं, जबकि बाकी घायल बच्चे की स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है। अन्य बच्चों की स्थिति को लेकर भी राहत की बात सामने आई है।
हादसे के बाद अभिभावकों में आक्रोश, स्कूल वाहनों की जांच की मांग
घटना के बाद बच्चों के अभिभावकों में नाराजगी देखी जा रही है। अभिभावकों का कहना है कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उनका सवाल है कि आखिर बच्चों को स्कूल पहुंचाने वाले वाहनों की सुरक्षा और उनकी स्थिति की नियमित जांच क्यों सुनिश्चित नहीं की जाती?
अभिभावकों ने निजी विद्यालयों में बच्चों को लाने और ले जाने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे सभी वाहनों की जांच कराने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि स्कूली वाहनों की स्थिति, उनकी सुरक्षा और बच्चों को ले जाने की व्यवस्था पर प्रशासन को गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।
प्रशासन से समय रहते कार्रवाई करने की अपील
अभिभावकों ने आशंका जताई है कि यदि प्रशासन ने समय रहते स्कूल वाहनों की जांच और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए, तो भविष्य में इससे भी बड़ा हादसा हो सकता है। उनका कहना है कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और स्कूल प्रबंधन के साथ-साथ संबंधित विभागों को भी अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
हल्दीपोखर में हुए इस हादसे ने एक बार फिर निजी विद्यालयों में बच्चों के परिवहन के लिए इस्तेमाल होने वाले ऑटो और अन्य वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब अभिभावकों की मांग है कि प्रशासन सभी स्कूली वाहनों की जांच कराए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
