Alipurduar Tragedy: जलभराव के बीच नाले में बह गई 4 साल की मासूम, 5 घंटे बाद मिला शव; अवैध निर्माण को लेकर फूटा लोगों का गुस्सा

पश्चिम बंगाल : पश्चिम बंगाल के अलीपुरदुआर जिले से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां तेज बहाव वाले नाले में गिरने से चार वर्षीय बच्ची की मौत हो गई। इस हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। मासूम की तलाश के लिए घंटों तक राहत और बचाव अभियान चलाया गया, लेकिन आखिरकार उसका शव घटना स्थल से कई किलोमीटर दूर बरामद हुआ। घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला और उन्होंने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए।

जलमग्न रास्ते से गुजरते समय हुआ हादसा

जानकारी के अनुसार कालचीनी ब्लॉक के हासीमारा क्षेत्र स्थित भरनोबाड़ी चाय बागान की रहने वाली चार वर्षीय जया उरांव शुक्रवार सुबह अपने परिवार के साथ बाहर निकली थी। लगातार बारिश के कारण इलाके में कई जगह जलभराव की स्थिति बनी हुई थी।

बताया जा रहा है कि परिवार जब पानी से भरे इलाके से गुजर रहा था, तभी जया का संतुलन बिगड़ गया और वह तेज बहाव वाले नाले में गिर गई। देखते ही देखते मासूम पानी के तेज प्रवाह में बह गई और परिवार के लोग उसे बचा नहीं सके।

पांच घंटे तक चला सर्च ऑपरेशन

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग, पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंचे। बच्ची की तलाश के लिए कई घंटों तक अभियान चलाया गया। करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद जया उरांव का शव साताली चाय बागान क्षेत्र के एक नाले से बरामद किया गया, जो घटना स्थल से लगभग तीन किलोमीटर दूर बताया जा रहा है।

मासूम का शव मिलने के बाद परिवार में कोहराम मच गया और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।

अवैध निर्माण पर भड़का ग्रामीणों का गुस्सा

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने हादसे के लिए अवैध निर्माण और प्रशासनिक लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया। ग्रामीणों का आरोप है कि हासीमारा चौपथी के पास स्थित भोला नाले पर लंबे समय से अवैध कब्जे और निर्माण कार्य किए गए हैं, जिससे प्राकृतिक जल निकासी व्यवस्था बाधित हो गई है।

लोगों का कहना है कि भारी बारिश के दौरान पानी का प्राकृतिक मार्ग अवरुद्ध होने के कारण जलधारा रिहायशी क्षेत्रों की ओर मुड़ गई, जिससे कई इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई।

सड़क जाम कर किया विरोध प्रदर्शन

मासूम की मौत से नाराज ग्रामीणों ने अलीपुरदुआर–जयगांव राज्य सड़क और राष्ट्रीय राजमार्ग-48 को जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने कथित अवैध निर्माण हटाने, दोषियों पर कार्रवाई करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर पहुंचना पड़ा। काफी समझाने-बुझाने के बाद प्रदर्शनकारियों को शांत कराया गया और यातायात बहाल किया गया।

पंचायत प्रतिनिधियों के खिलाफ दर्ज हुई शिकायत

घटना के बाद मृत बच्ची के परिजनों और स्थानीय निवासियों ने ग्राम पंचायत प्रधान, उनके पति, एक पंचायत सदस्य समेत चार लोगों के खिलाफ थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि क्षेत्र में जल निकासी व्यवस्था को प्रभावित करने वाले निर्माण कार्यों के खिलाफ समय रहते कार्रवाई नहीं की गई।

ग्रामीणों ने संबंधित लोगों की गिरफ्तारी और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग भी की है।

पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी जलभराव और नालों में बहने जैसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। कई बार शिकायतें किए जाने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया, जिसके कारण लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

राजनीतिक प्रतिक्रिया भी आई सामने

घटना के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी दुख व्यक्त किया है। भाजपा नेताओं ने मासूम की मौत को बेहद दुखद बताते हुए प्रशासन से जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की है।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई की तैयारी में जुटी हुई है। वहीं जया उरांव की मौत ने एक बार फिर शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जल निकासी व्यवस्था तथा अवैध निर्माण के मुद्दे को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

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