कोलकाता : कोलकाता में आयोजित 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योग को स्वस्थ और संतुलित जीवन का आधार बताते हुए देश-दुनिया को महत्वपूर्ण संदेश दिया। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के ऐतिहासिक रेड रोड पर आयोजित भव्य कार्यक्रम में हजारों लोगों के साथ योग करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य केवल लंबी उम्र पाना नहीं, बल्कि बढ़ती उम्र के साथ भी स्वस्थ, ऊर्जावान और सक्रिय बने रहना होना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यदि व्यक्ति नियमित रूप से योग को जीवन का हिस्सा बना ले तो 40 वर्ष की उम्र में 20 वर्ष जैसी लचक, 50 वर्ष की उम्र में 30 वर्ष जैसी ऊर्जा और 70 वर्ष की उम्र में भी 50 वर्ष जैसा स्वास्थ्य बनाए रखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं बल्कि स्वस्थ जीवन जीने की संपूर्ण जीवनशैली है।
योग दिवस की थीम पर PM मोदी का विशेष जोर
इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम “Yoga for Healthy Ageing” यानी “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग” रखी गई है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस थीम को केवल बुजुर्गों तक सीमित करके नहीं देखना चाहिए। योग हर उम्र के व्यक्ति के लिए जरूरी है क्योंकि यह शरीर, मन और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करता है।
उन्होंने कहा कि स्वस्थ वृद्धावस्था का मतलब सिर्फ अधिक उम्र तक जीवित रहना नहीं बल्कि उम्र बढ़ने के बावजूद शारीरिक क्षमता, मानसिक मजबूती और जीवन की ऊर्जा को बनाए रखना है। योग इस दिशा में सबसे प्रभावी माध्यम बन सकता है।
रेड रोड पर हजारों लोगों के साथ किया योगाभ्यास
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रेड रोड पर आयोजित सामूहिक योग सत्र में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न योगासन और अभ्यास किए तथा लोगों को सही तरीके से योग करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने चालन क्रिया, स्कंध चक्र, कटिचालन और घुटनाचालन जैसे अभ्यास किए। इन अभ्यासों को शरीर को सक्रिय करने, जोड़ों की जकड़न कम करने, रीढ़ की लचक बढ़ाने और घुटनों को मजबूत बनाने में उपयोगी माना जाता है।
इसके अलावा उन्होंने ताड़ासन, अर्धचक्रासन, भद्रासन और त्रिकोणासन सहित कई महत्वपूर्ण योगासन भी किए। योग सत्र के दौरान प्रधानमंत्री प्रतिभागियों के बीच पहुंचे और उन्हें सही योग मुद्राएं करने में मार्गदर्शन देते हुए दिखाई दिए।
‘योग पूरी दुनिया को जोड़ने वाली ताकत’
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज योग दुनिया का सबसे बड़ा सामुदायिक उत्सव बन चुका है। विभिन्न देशों और संस्कृतियों के लोग योग के माध्यम से एक-दूसरे से जुड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि 21 जून, जिसे वर्ष का सबसे लंबा दिन माना जाता है, अब पूरी दुनिया में योग दिवस के रूप में नई पहचान बना चुका है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि विश्व के अलग-अलग हिस्सों से योग दिवस की प्रेरणादायक तस्वीरें सामने आ रही हैं, जो यह दर्शाती हैं कि योग सीमाओं से परे मानवता को जोड़ने का कार्य कर रहा है।
योग सिखाता है संतुलित जीवन जीने की कला
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आधुनिक जीवनशैली में असंतुलन, तनाव और भागदौड़ लगातार बढ़ रही है। ऐसे समय में योग व्यक्ति को संतुलित जीवन जीने की कला सिखाता है। जब शरीर और मन के बीच तालमेल स्थापित होता है तो स्वास्थ्य स्वाभाविक रूप से बेहतर होने लगता है।
उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है बल्कि मानसिक शांति, भावनात्मक संतुलन और सकारात्मक सोच को भी मजबूत बनाता है। यही कारण है कि योग आज पूरी दुनिया में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।
योग बना वैश्विक जनआंदोलन
प्रधानमंत्री ने कहा कि योग अब किसी एक देश, धर्म या आयु वर्ग तक सीमित नहीं है। यह मानवता के कल्याण का माध्यम बन चुका है। योग को अपनाकर हर व्यक्ति अपने जीवन को अधिक स्वस्थ, संतुलित और ऊर्जावान बना सकता है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे योग को केवल एक दिन का कार्यक्रम न मानें बल्कि इसे अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।
