महाराष्ट्र : महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर शिवसेना को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। इसी बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कोल्हापुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ऐसा बयान दिया, जिसने राज्य के राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है। अमित शाह ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का परिचय कराते हुए कहा कि अब शिवसेना में कोई गुट नहीं बचा है, केवल एक ही शिवसेना है। उनके इस बयान को सीधे तौर पर उद्धव ठाकरे खेमे पर राजनीतिक तंज के रूप में देखा जा रहा है।
कोल्हापुर में अमित शाह का बड़ा बयान
शनिवार को महाराष्ट्र के कोल्हापुर दौरे पर पहुंचे अमित शाह ने महालक्ष्मी अंबाबाई मंदिर में पूजा-अर्चना की और मंदिर परिसर से जुड़ी कई विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया। इसी दौरान मंच से बोलते हुए उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि पहले एकनाथ शिंदे के नाम के आगे ‘शिंदे गुट’ जोड़ना पड़ता था, लेकिन अब ऐसा करने की जरूरत नहीं है क्योंकि अब केवल एक ही शिवसेना बची है।
उनके इस बयान ने महाराष्ट्र की राजनीति में चल रही शिवसेना की अंदरूनी खींचतान को लेकर नए राजनीतिक संकेत दे दिए हैं।
शिवसेना के दोनों खेमों के बीच फिर बढ़ी तल्खी
अमित शाह का यह बयान ऐसे समय आया है जब एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले गुट के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि उद्धव ठाकरे गुट के छह सांसद किसी भी समय शिंदे खेमे में शामिल हो सकते हैं।
इन अटकलों के बीच उद्धव ठाकरे गुट ने दिल्ली में एक महत्वपूर्ण बैठक भी बुलाई थी, लेकिन जिन सांसदों के नाम चर्चा में हैं, वे बैठक में शामिल नहीं हुए। इसके बाद राजनीतिक विश्लेषक इसे संभावित राजनीतिक बदलाव का संकेत मान रहे हैं।
शिवसेना स्थापना दिवस पर भी दिखी सियासी दूरी
हाल ही में शिवसेना के 60 वर्ष पूरे होने के अवसर पर दोनों गुटों ने अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए। कई स्थानों पर दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं के बीच तनातनी और राजनीतिक बयानबाजी भी देखने को मिली। इस दौरान दोनों गुटों ने खुद को असली शिवसेना साबित करने की कोशिश की।
उधर, उद्धव ठाकरे खेमे के वरिष्ठ नेता संजय राउत लगातार शिंदे गुट पर हमलावर बने हुए हैं। उन्होंने पार्टी छोड़ने वाले नेताओं और सांसदों को लेकर कड़ी टिप्पणी की है, जिससे दोनों पक्षों के बीच सियासी संघर्ष और तेज हो गया है।
अंबाबाई मंदिर विकास परियोजना का हुआ शुभारंभ
कोल्हापुर दौरे के दौरान अमित शाह ने महालक्ष्मी अंबाबाई मंदिर परिसर के विकास कार्यों की शुरुआत भी की। इस मौके पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी मौजूद रहे।
राज्य सरकार ने तीर्थक्षेत्र विकास योजना के लिए 1,442 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है। इस योजना के तहत परिक्रमा मार्ग, राम मंदिर संरक्षण और मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण सहित कई बड़े कार्य किए जाएंगे। कार्यक्रम में अमित शाह का सम्मान भी किया गया।
उद्धव ठाकरे और कांग्रेस पर भी साधा निशाना
अपने संबोधन में अमित शाह ने बिना नाम लिए उद्धव ठाकरे की राजनीतिक रणनीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कुछ लोग कांग्रेस के साथ जाकर बैठ गए हैं और देशहित के मुद्दों पर राजनीति कर रहे हैं।
अमित शाह ने घुसपैठ के मुद्दे को उठाते हुए कहा कि जो लोग अवैध रूप से देश में आए हैं, उन्हें बाहर भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा और देश की सीमाओं की रक्षा के लिए केंद्र सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
मोदी सरकार के विकास कार्यों की गिनाई उपलब्धियां
अपने भाषण में गृह मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुए धार्मिक और सांस्कृतिक विकास कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में देशभर के प्रमुख धार्मिक स्थलों का अभूतपूर्व विकास हुआ है।
उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, केदारनाथ धाम पुनर्विकास, सोमनाथ मंदिर और कामाख्या मंदिर परियोजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि अब कोल्हापुर का अंबाबाई मंदिर भी देश के प्रमुख तीर्थ विकास मॉडलों में शामिल होने जा रहा है।
महाराष्ट्र की राजनीति में बढ़ सकती है हलचल
अमित शाह के बयान के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। खासकर उस समय जब उद्धव ठाकरे गुट के कुछ सांसदों के शिंदे खेमे में जाने की अटकलें लगातार तेज हैं। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि आने वाले दिनों में शिवसेना की राजनीति में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
फिलहाल अमित शाह के ‘अब सिर्फ एक शिवसेना है’ वाले बयान ने महाराष्ट्र की सियासत को नई दिशा दे दी है और इस पर सभी राजनीतिक दलों की नजरें टिकी हुई हैं।
