बिहार : बिहार के भोजपुर जिले में भरत तिवारी की कथित पुलिस मुठभेड़ में हुई मौत का मामला लगातार राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का विषय बना हुआ है। इस बीच केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री और जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर न्याय दिलाने का भरोसा दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि जांच में कोई पुलिस अधिकारी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि कानून की रक्षा करने वालों को कानून अपने हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जा सकती।
बिलौटी गांव पहुंचकर परिवार से मिले चिराग पासवान
शुक्रवार को चिराग पासवान भोजपुर जिले के बिलौटी गांव पहुंचे, जहां उन्होंने भरत तिवारी के परिजनों से मुलाकात कर गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने परिवार को भरोसा दिलाया कि उनकी आवाज को हर उचित मंच तक पहुंचाया जाएगा और निष्पक्ष जांच के माध्यम से न्याय दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
चिराग पासवान ने कहा कि पीड़ित परिवार अकेला नहीं है और इस पूरे मामले को गंभीरता से उठाया जाएगा ताकि दोषियों की जवाबदेही तय हो सके।
भरत तिवारी की मौत के बाद क्यों बढ़ा विवाद?
जानकारी के अनुसार, प्रशासन ने भरत तिवारी को मानसिक रूप से अस्थिर बताया था। 17 जून को सोशल मीडिया पर की गई एक पोस्ट के संबंध में पूछताछ के लिए पुलिस टीम उनके घर पहुंची थी। इसी दौरान गोली लगने से उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद इलाके में भारी जनाक्रोश देखने को मिला और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई।
न्यायिक जांच के आदेश, विपक्ष ने भी उठाए सवाल
घटना के बाद बिहार सरकार ने मामले की न्यायिक जांच के आदेश दिए। वहीं विपक्षी दल जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने मांग की कि जांच किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश के बजाय पटना हाई कोर्ट के किसी सेवारत न्यायाधीश की निगरानी में कराई जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो आंदोलन शुरू किया जाएगा।
‘रक्षक को भक्षक बनने की अनुमति नहीं दी जा सकती’ : चिराग पासवान
मीडिया से बातचीत के दौरान चिराग पासवान ने कहा कि जिन अधिकारियों पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी होती है, उन्हें किसी भी परिस्थिति में कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी अधिकारी की भूमिका सामने आती है तो उसे कड़ी से कड़ी सजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा ताकि आम लोगों का कानून व्यवस्था पर विश्वास बना रहे।
उन्होंने यह भी कहा कि पहली नजर में ऐसा प्रतीत होता है कि भरत तिवारी आत्मसमर्पण करने का प्रयास कर रहे थे। ऐसी स्थिति में उन्हें गिरफ्तार कर कानूनी प्रक्रिया के तहत पूछताछ की जा सकती थी, लेकिन किसी भी परिस्थिति में कानून से ऊपर जाकर कार्रवाई उचित नहीं मानी जा सकती।
अमित शाह से मुलाकात, मुख्यमंत्री से भी करेंगे चर्चा
चिराग पासवान ने बताया कि उन्होंने इस पूरे मामले को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की है। उन्होंने कहा कि इस विषय पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से भी विस्तृत चर्चा करेंगे और परिवार को निष्पक्ष जांच तथा न्याय दिलाने के लिए हर स्तर पर प्रयास जारी रखेंगे।
उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि जांच ऐसी एजेंसी को सौंपी जाएगी जिस पर पीड़ित परिवार को पूरा विश्वास हो।
आरोपी अधिकारी की पदोन्नति पर भी जताई आपत्ति
मामले में आरोपी बताए जा रहे एक पुलिस अधिकारी को पदोन्नति दिए जाने से जुड़े सवाल पर चिराग पासवान ने इसे पूरी तरह अस्वीकार्य बताया। उन्होंने कहा कि यदि किसी आरोपी अधिकारी को पदोन्नत किया गया है तो वह इस विषय को मुख्यमंत्री के समक्ष उठाएंगे। उनका कहना था कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक ऐसे किसी भी निर्णय से बचना चाहिए ताकि जांच की निष्पक्षता पर सवाल न उठें।
