महाराष्ट्र के चर्चित केतन अग्रवाल मर्डर केस में मुख्य आरोपी सिया गोयल का पुलिस हिरासत के दौरान कैमरों की ओर कथित तौर पर ‘मिडिल फिंगर’ दिखाने का मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। अब ओडिशा कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अरुण बोथरा ने भी इस व्यवहार पर सार्वजनिक प्रतिक्रिया देते हुए इसे बेहद चौंकाने वाला बताया है।
वायरल वीडियो के बाद अरुण बोथरा की प्रतिक्रिया ने खींचा ध्यान
वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अरुण बोथरा ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो का एक स्क्रीनशॉट साझा करते हुए लिखा कि अपने लंबे पुलिस करियर में उन्होंने कई गंभीर अपराधों और हत्या के आरोपियों से बातचीत की है। उनके अनुसार अधिकांश मामलों में आरोपियों के चेहरे पर किसी न किसी रूप में पछतावा, दुख या मानसिक तनाव के संकेत दिखाई देते हैं, खासकर तब जब पीड़ित निर्दोष हो।
उन्होंने कहा कि इस मामले में सबसे अधिक हैरान करने वाली बात यह है कि आरोपी के व्यवहार में उन्हें ऐसी किसी भी भावना का कोई संकेत नजर नहीं आया। उनके अनुसार यदि जांच एजेंसियों के आरोप सही साबित होते हैं, तो यह घटना पूरी योजना के साथ अंजाम दी गई और उसके बाद का रवैया भी पूरी तरह बेपरवाह दिखाई दिया।
पुलिस जांच में क्या हैं आरोप?
पुलिस के अनुसार, सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी पर आरोप है कि दोनों ने मिलकर रियल एस्टेट कारोबारी के बेटे और सिया के मंगेतर केतन अग्रवाल की हत्या की साजिश रची। जांच एजेंसियों का दावा है कि योजना के तहत केतन अग्रवाल को महाराष्ट्र के लोहगढ़ किले क्षेत्र में ले जाया गया, जहां उन्हें एक गहरी खाई में धक्का दे दिया गया।
फिलहाल पुलिस मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है और उपलब्ध सबूतों को एकत्रित किया जा रहा है। मामला न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है और अंतिम निष्कर्ष अदालत की सुनवाई के बाद ही सामने आएगा।
न्यायिक हिरासत में भेजे गए दोनों आरोपी
पुलिस रिमांड समाप्त होने के बाद 3 जुलाई को अदालत ने सिया गोयल और चेतन चौधरी को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। इसके बाद दोनों आरोपियों को पुणे की येरवडा जेल भेज दिया गया। मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई है।
कौन हैं आईपीएस अरुण बोथरा?
अरुण बोथरा वर्ष 1996 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी हैं और ओडिशा कैडर से जुड़े हैं। वर्तमान में वे ओडिशा में एडीजीपी (रेलवे एवं तटीय सुरक्षा) के पद पर कार्यरत हैं। इससे पहले वे राज्य के अपराध शाखा (Crime Branch) में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक और परिवहन आयुक्त जैसे महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।
सोशल मीडिया पर भी अरुण बोथरा अपनी सक्रियता, आम लोगों की मदद और बेबाक प्रतिक्रियाओं के कारण व्यापक पहचान रखते हैं। इस मामले में उनकी टिप्पणी के बाद केतन अग्रवाल हत्याकांड एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।
