कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने राजस्थान पुलिस पर नीट पेपर लीक विरोध प्रदर्शन में शामिल छात्रों और संगठन के कार्यकर्ताओं को कथित तौर पर परेशान करने का आरोप लगाया है। पार्टी का दावा है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने के समझौते के बावजूद पुलिस अब भी छात्रों के घर पहुंच रही है और फोन कॉल के जरिए उनसे संपर्क कर रही है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि यह सिलसिला नहीं रुका और समझौते का पालन नहीं किया गया, तो वह एक बार फिर आंदोलन का रास्ता अपनाएगा।
राजस्थान में कोर टीम को निशाना बनाने का आरोप
सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने एक वीडियो बयान जारी कर कहा कि राजस्थान में संगठन की कोर टीम के सदस्यों को लगातार परेशान किया जा रहा है। उनके अनुसार, पुलिस बार-बार कार्यकर्ताओं के घर पहुंच रही है और फोन कॉल के माध्यम से उनसे संपर्क कर रही है, जिससे छात्रों और संगठन से जुड़े लोगों में चिंता का माहौल है।
रांका ने कहा कि यदि समझौते के अनुरूप कार्रवाई नहीं होती है, तो आंदोलन से जुड़े छात्रों और कार्यकर्ताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए संगठन आगे की रणनीति पर विचार करेगा।
लिखित समझौता सार्वजनिक करने की मांग
सीजेपी ने केंद्र सरकार से यह भी मांग की है कि प्रदर्शन समाप्त होने से पहले हुआ लिखित समझौता जल्द सार्वजनिक किया जाए। पार्टी का कहना है कि समझौते की शर्तों को सार्वजनिक करने से भ्रम की स्थिति समाप्त होगी और सभी पक्षों के बीच पारदर्शिता बनी रहेगी।
संगठन का दावा है कि छात्रों और प्रदर्शनकारियों को किसी भी प्रकार की कार्रवाई से सुरक्षा देने का आश्वासन दिया गया था, इसलिए अब उस वादे को पूरी तरह लागू किया जाना चाहिए।
25 जुलाई के समझौते का सम्मान करने की अपील
आशुतोष रांका ने केंद्र सरकार और राजस्थान सरकार दोनों से आग्रह किया कि 25 जुलाई को हुई बातचीत के दौरान बनी सहमति का पूरी तरह पालन किया जाए। उनका कहना है कि प्रदर्शन समाप्त करने का फैसला इसी भरोसे के आधार पर लिया गया था कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी दावा किया कि कुछ राज्यों में इस दिशा में कदम उठाए जा चुके हैं और अब राजस्थान में भी उसी तरह की कार्रवाई की जानी चाहिए।
‘छात्रों को निशाना बनाना बंद होना चाहिए’
सीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों को लेकर सरकारों को संवेदनशील रुख अपनाना चाहिए। उनके अनुसार, बिहार में छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने की कार्रवाई की गई है, जबकि पश्चिम बंगाल में भी प्रदर्शनकारियों से जुड़े मामलों में कार्रवाई होने का दावा किया गया है।
उन्होंने कहा कि छात्रों को बार-बार पुलिस कार्रवाई या पूछताछ के दायरे में लाना उचित नहीं है और सरकारों को अपने वादों का सम्मान करना चाहिए।
आंदोलन दोबारा शुरू करने की चेतावनी
संगठन ने स्पष्ट किया है कि यदि पुलिस द्वारा छात्रों और कार्यकर्ताओं से लगातार संपर्क करने या उनके घर जाने की शिकायतें जारी रहती हैं, तो सीजेपी फिर से विरोध प्रदर्शन शुरू करने पर विचार करेगी। पार्टी का कहना है कि उसका उद्देश्य छात्रों के अधिकारों की रक्षा करना है और यदि जरूरत पड़ी तो शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन किया जाएगा।
नीट पेपर लीक विरोध प्रदर्शन में कई राज्यों के छात्र हुए थे शामिल
नीट पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किए थे। बड़ी संख्या में छात्र नई दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचे थे, जबकि जयपुर सहित कई शहरों में भी धरना और प्रदर्शन आयोजित किए गए। सीजेपी समर्थकों ने जयपुर के जवाहर सर्कल पर कई दिनों तक प्रदर्शन किया था।
फिलहाल, राजस्थान पुलिस की ओर से सीजेपी के आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाएंगे, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।
