महाराष्ट्र : महाराष्ट्र में कथित NEET पेपर लीक, परीक्षा प्रणाली में अनियमितताओं और छात्रों के साथ कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में शुक्रवार को बड़े पैमाने पर प्रदर्शन देखने को मिला। पुणे में तेज बारिश के बावजूद हजारों छात्र, युवा, पेशेवर और सामाजिक संगठनों के सदस्य सड़कों पर उतरे, जबकि मुंबई के दादर स्थित शिवाजी पार्क में भी बड़ी संख्या में लोगों ने विरोध मार्च में हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई और परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही तय करने की मांग उठाई।
बारिश भी नहीं रोक सकी प्रदर्शनकारियों का जोश, पुणे में निकला चार किलोमीटर लंबा मार्च
पुणे में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से शनिवारवाड़ा से जिला कलेक्टर कार्यालय तक लगभग चार किलोमीटर लंबा मार्च निकाला गया। इस मार्च में छात्र-छात्राओं के अलावा वकील, नौकरीपेशा लोग और कई सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान दिल्ली में छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई की निंदा की गई और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता तथा जवाबदेही की मांग की गई।
प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांगा जवाब
मार्च में शामिल कई प्रदर्शनकारियों ने कहा कि लगातार सामने आ रहे कथित पेपर लीक मामलों पर जवाबदेही तय होनी चाहिए। उनका कहना था कि यदि परीक्षा प्रणाली में बार-बार ऐसी घटनाएं सामने आती हैं तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई आवश्यक है। प्रदर्शन में शामिल कुछ प्रतिभागियों ने यह भी कहा कि युवाओं का शिक्षा व्यवस्था पर भरोसा बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठाना जरूरी है।
मुंबई में ‘तिरंगा मोर्चा’, शिवसेना (यूबीटी) भी आंदोलन में शामिल
मुंबई के दादर स्थित शिवाजी पार्क में शिवसेना (यूबीटी) की अगुवाई में ‘तिरंगा मोर्चा’ निकाला गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समर्थक और प्रदर्शनकारी शामिल हुए। पार्टी नेता आदित्य ठाकरे ने कहा कि उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके से बातचीत की है और उनसे आग्रह किया है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रखा जाए।
उद्धव ठाकरे ने सरकार पर साधा निशाना
सभा को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले छात्रों की आवाज सुनी जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों पर बल प्रयोग किया गया और कहा कि प्रदर्शनकारियों के हाथ में तिरंगा है, जबकि सरकार के पास लाठियां हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज को महत्व दिया जाना चाहिए और सरकार को लोगों की भावनाओं को समझना चाहिए।
आदित्य ठाकरे ने आंदोलन जारी रखने की अपील की
आदित्य ठाकरे ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने युवाओं से शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने की अपील की। साथ ही उन्होंने दावा किया कि परीक्षा प्रणाली में सुधार और जवाबदेही सुनिश्चित करना समय की जरूरत है।
‘पेपर लीक से आजादी’ के नारे, कई प्रमुख हस्तियां भी रहीं मौजूद
शिवाजी पार्क में प्रदर्शन के दौरान ‘पेपर लीक से आजादी’ और ‘तानाशाही से आजादी’ जैसे नारे लगाए गए। कार्यक्रम में कुछ प्रदर्शनकारी स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह और डॉ. भीमराव आंबेडकर के पोस्टर लेकर पहुंचे। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के नेता अमित ठाकरे और अभिनेता आर्य बब्बर भी प्रदर्शन में शामिल हुए।
देशभर में जारी है परीक्षा व्यवस्था को लेकर बहस
दिल्ली, मुंबई, पुणे और देश के अन्य हिस्सों में परीक्षा प्रणाली, कथित पेपर लीक और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर अलग-अलग संगठनों द्वारा प्रदर्शन किए जा रहे हैं। इन प्रदर्शनों के बीच परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और छात्रों के हितों की सुरक्षा को लेकर बहस लगातार तेज होती जा रही है।
