धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद CJP का नया अभियान, अब यूपी में जौहर यूनिवर्सिटी पर कार्रवाई के खिलाफ खोला मोर्चा

नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अपना अगला राजनीतिक और सामाजिक अभियान उत्तर प्रदेश में शुरू कर दिया है। पार्टी ने रामपुर स्थित जौहर यूनिवर्सिटी पर प्रस्तावित ध्वस्तीकरण कार्रवाई का विरोध करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने और आदेश वापस लेने की मांग की है। इस मुद्दे को लेकर पार्टी ने शिक्षा व्यवस्था और संस्थानों के संरक्षण को राष्ट्रीय महत्व का विषय बताया है।

जौहर यूनिवर्सिटी को गिराने के आदेश पर CJP ने जताई आपत्ति

कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से कहा गया है कि उत्तर प्रदेश सरकार को रामपुर की जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े फैसले की दोबारा समीक्षा करनी चाहिए। पार्टी का कहना है कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान पर इस तरह की कार्रवाई शिक्षा व्यवस्था के लिए उचित संदेश नहीं देती। CJP ने सरकार से अपील की है कि आदेश को वापस लेकर इस पूरे मामले पर संतुलित और न्यायसंगत निर्णय लिया जाए।

सोशल मीडिया पर भी उठाई आवाज

पार्टी से जुड़े एक एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर पोस्ट साझा करते हुए कहा गया कि देश में पहले ही विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार प्रतिदिन बड़ी संख्या में स्कूल बंद होने की स्थिति सामने आ रही है। ऐसे समय में किसी विश्वविद्यालय को ध्वस्त करने का निर्णय शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने वाला कदम माना जाएगा। पोस्ट में इसे देशहित के अनुरूप नहीं बताया गया और सरकार से निर्णय पर पुनर्विचार की मांग दोहराई गई।

रामपुर प्रशासन ने 38 इमारतों को बताया अवैध

रामपुर विकास प्राधिकरण ने जौहर यूनिवर्सिटी परिसर में बनी 40 इमारतों में से 38 को अवैध निर्माण घोषित किया है। प्रशासन का कहना है कि संबंधित निर्माण नियमानुसार नहीं पाए गए हैं, जिसके आधार पर ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया गया है। जिला प्रशासन के अनुसार संस्थान को 15 दिनों का समय दिया गया है। यदि तय समय सीमा के भीतर अवैध निर्माण नहीं हटाया जाता है, तो रामपुर विकास प्राधिकरण स्वयं ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करेगा।

समाजवादी पार्टी भी कर रही है विरोध

रामपुर प्रशासन की इस कार्रवाई का समाजवादी पार्टी ने भी विरोध किया है। विपक्ष का कहना है कि पूरे मामले में निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए। वहीं प्रशासन अपने आदेश को नियमानुसार और कानूनी प्रक्रिया के तहत लिया गया निर्णय बता रहा है।

जंतर-मंतर प्रदर्शन के बाद फिर चर्चा में CJP

कॉकरोच जनता पार्टी इससे पहले भी नीट पेपर लीक मामले को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ चुकी है। पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत की टिप्पणी के बाद जंतर-मंतर पर प्रदर्शन आयोजित किया था। आंदोलन में नीट पेपर लीक की जवाबदेही तय करने और आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने की मांग उठाई गई थी। इस प्रदर्शन का प्रमुख चेहरा सोनम वांगचुक रहे, जबकि आयोजन की जिम्मेदारी पार्टी के संस्थापक एवं अध्यक्ष अभिजीत दीपके ने संभाली थी।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद बदली राजनीतिक सक्रियता

पार्टी का दावा है कि उसके आंदोलन के बाद सरकार ने कार्रवाई करते हुए धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार किया और प्रभावित छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने की प्रक्रिया भी शुरू हुई। अब CJP ने शिक्षा से जुड़े एक और मुद्दे को लेकर उत्तर प्रदेश में अपना अभियान तेज कर दिया है। आने वाले दिनों में इस मामले पर राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

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