Parbhani Temple Accident: प्रसाद लेने पहुंचे श्रद्धालुओं पर टूटी मौत, महाराष्ट्र के 400 साल पुराने हनुमान मंदिर में मंडप ढहा, 7 की मौत, 25 घायल

महाराष्ट्र : महाराष्ट्र के परभणी जिले में शनिवार को एक दर्दनाक हादसे ने धार्मिक आयोजन की खुशियों को मातम में बदल दिया। मनवत तालुका के यशवाड़ी स्थित प्रसिद्ध त्रिमूर्ति हनुमान मंदिर में निर्माणाधीन सभा मंडप की छत अचानक ढह गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हादसे में अब तक 7 श्रद्धालुओं की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 25 लोग घायल बताए जा रहे हैं। सभी घायलों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

शनिवार की भीड़ बनी हादसे की वजह

शनिवार होने के कारण मंदिर में सामान्य दिनों की तुलना में श्रद्धालुओं की संख्या काफी अधिक थी। दोपहर करीब 3 बजे बड़ी संख्या में लोग दर्शन और पूजा के बाद प्रसाद ग्रहण कर रहे थे। इसी दौरान मंदिर के सामने बन रहे सभा मंडप का निर्माणाधीन ढांचा अचानक भरभराकर गिर पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार लोहे की रॉड, बांस की सेंट्रिंग और भारी पत्थरों से बना ढांचा टूटते ही लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।

CCTV में कैद हुआ हादसे का भयावह दृश्य

घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है, जिसमें श्रद्धालुओं की लंबी कतार दिखाई दे रही है। वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ ही सेकंड में निर्माणाधीन मंडप का सहारा देने वाला स्ट्रक्चर ढह जाता है और भारी पत्थर लोगों के ऊपर गिर पड़ते हैं। देखते ही देखते मंदिर परिसर चीख-पुकार से गूंज उठा।

ग्रामीणों ने शुरू किया पहला रेस्क्यू ऑपरेशन

हादसे के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीण और मंदिर परिसर में मौजूद लोग बचाव कार्य में जुट गए। प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों के पहुंचने से पहले ही लोगों ने पत्थर, लोहे की रॉड और बांस हटाकर मलबे में दबे श्रद्धालुओं को निकालना शुरू कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि करीब 40 लोग मलबे के नीचे दब गए थे, जिन्हें निकालने के लिए स्थानीय लोगों ने जान जोखिम में डालकर राहत कार्य किया।

प्रशासन ने चलाया व्यापक बचाव अभियान

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग, अग्निशमन दल, स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम की टीमें मौके पर पहुंचीं। जेसीबी मशीनों और अन्य संसाधनों की मदद से मलबा हटाया गया। जिला प्रशासन के अनुसार कुल 32 लोग हादसे की चपेट में आए, जिनमें 7 लोगों की मौत हो गई जबकि 25 लोग घायल हुए हैं। राहत और बचाव अभियान सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है।

मृतकों की पहचान शुरू, कई परिवारों में पसरा मातम

हादसे में जान गंवाने वालों में संतोष गडाडे, आकाश सुरदुसे, मुनेश अग्रवाल, सूरज पोपटकर और श्रीकृष्ण गवारे समेत कई श्रद्धालुओं की पहचान की जा चुकी है। घटना के बाद मृतकों के परिवारों में शोक की लहर है और पूरे क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है।

प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री फडणवीस ने जताया दुख

परभणी हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। वहीं महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी घटना पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। साथ ही घायलों के समुचित इलाज के निर्देश भी दिए गए हैं।

400 साल पुराने त्रिमूर्ति हनुमान मंदिर का गौरवशाली इतिहास

यशवाड़ी का त्रिमूर्ति हनुमान मंदिर क्षेत्र की आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है। लगभग 400 वर्ष पुराने इस मंदिर को लेकर कई धार्मिक मान्यताएं प्रचलित हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार सदियों पहले जब पूरा गांव उजड़ गया था तब भी यह मंदिर सुरक्षित खड़ा रहा था। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए मंदिर परिसर के विस्तार और सौंदर्यीकरण का कार्य चल रहा था। इसी परियोजना के तहत सभा मंडप का निर्माण किया जा रहा था, जहां यह बड़ा हादसा हो गया।

हादसे ने उठाए निर्माण गुणवत्ता पर सवाल

सभा मंडप के निर्माण के दौरान हुए इस हादसे ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बावजूद निर्माण स्थल पर पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं थे। प्रशासन ने मामले की जांच के संकेत दिए हैं और दुर्घटना के कारणों का पता लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

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