उज्जैन: मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में सामने आए सुल्तान पटेल हत्याकांड का पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। ईद के दिन रहस्यमय तरीके से लापता हुए व्यक्ति की हत्या उसी के सगे भतीजे ने कथित तौर पर अपनी पत्नी और एक नाबालिग के साथ मिलकर की थी। पुलिस जांच में सामने आया है कि हत्या के पीछे चरित्र को लेकर पैदा हुआ संदेह मुख्य वजह बना। तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने पूरे मामले की गुत्थी सुलझा ली है।
ईद के दिन गायब हुआ था सुल्तान पटेल
बड़नगर थाना क्षेत्र के ग्राम पीरझलार निवासी सुल्तान पटेल ईद के दिन अचानक लापता हो गए थे। परिवार और रिश्तेदारों ने उनकी काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। मामला संदिग्ध लगने पर पुलिस ने जांच शुरू की और कई पहलुओं पर पड़ताल की गई।
शुरुआत में यह एक गुमशुदगी का मामला प्रतीत हो रहा था, लेकिन जांच आगे बढ़ने के साथ कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आने लगे।
चरित्र शंका बनी हत्या की वजह
पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी नौशाद को अपने चाचा सुल्तान पटेल को लेकर लंबे समय से संदेह था। उसे शक था कि उसकी पत्नी और चाचा के बीच संबंध हैं। इसी शक ने धीरे-धीरे दुश्मनी का रूप ले लिया।
जांच में सामने आया कि ईद के दिन नौशाद ने अपने चाचा को घर पर भोजन के बहाने बुलाया। घर पहुंचने के बाद दोनों के बीच विवाद हुआ, जो देखते ही देखते हिंसक झगड़े में बदल गया।
मोगरी से हमला, फिर मुंह दबाकर की हत्या
पुलिस के मुताबिक, विवाद के दौरान आरोपी ने गुस्से में आकर सुल्तान पर मोगरी से हमला किया। गंभीर चोट लगने के बाद भी उसने वारदात को यहीं नहीं रोका। आरोप है कि बाद में तौलिए से मुंह दबाकर उनकी हत्या कर दी गई।
इस पूरी घटना में आरोपी की पत्नी और एक नाबालिग ने भी उसका साथ दिया। पुलिस ने तीनों की भूमिका की पुष्टि के बाद कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
शव को बोरे में भरकर ले गए इंदौर
हत्या के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने की योजना बनाई। पुलिस जांच में पता चला कि शव को एक बोरे में भरकर स्विफ्ट कार में रखा गया और बाद में इंदौर के यशवंत सागर क्षेत्र के पास झाड़ियों में फेंक दिया गया।
घटना को छिपाने के लिए आरोपी लगातार रिश्तेदारों और परिचितों को अलग-अलग कहानियां सुनाता रहा, ताकि किसी को उस पर शक न हो। उसने जांच को भटकाने की भी कोशिश की।
नौ दिन बाद मिला शव, ऐसे हुई पहचान
करीब नौ दिन बाद इंदौर के हातोद क्षेत्र में झाड़ियों के बीच एक सड़ा-गला शव बरामद हुआ। सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे। शव की हालत खराब होने के बावजूद कपड़ों और टूटे हुए दांत के आधार पर उसकी पहचान सुल्तान पटेल के रूप में की गई।
पहचान की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने हत्या और साक्ष्य छिपाने से जुड़े प्रकरण दर्ज कर जांच को और तेज कर दिया।
कॉल डिटेल और तकनीकी जांच से खुली पूरी साजिश
पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा के निर्देशन में बड़नगर पुलिस और साइबर टीम ने मामले की गहन जांच की। कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही।
पूछताछ के दौरान मिले तथ्यों और डिजिटल साक्ष्यों ने हत्या की पूरी कहानी सामने ला दी।
हत्या में इस्तेमाल सामान भी बरामद
पुलिस ने मुख्य आरोपी नौशाद और उसकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं मामले में शामिल नाबालिग को संरक्षण में लिया गया है। जांच के दौरान हत्या में इस्तेमाल की गई मोगरी, वारदात में प्रयुक्त स्विफ्ट कार और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य भी बरामद कर लिए गए हैं।
पुलिस ने आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले की विस्तृत जांच अभी भी जारी है।
रिश्तों में शक ने ली एक और जान
उज्जैन का यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि रिश्तों में पैदा हुआ अविश्वास और संदेह किस तरह गंभीर अपराध का रूप ले सकता है। एक पारिवारिक विवाद ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया और अंततः एक व्यक्ति की जान चली गई।
