लातेहार: झारखंड में नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। वर्षों से झारखंड के जंगलों में सक्रिय और सुरक्षा एजेंसियों की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के रीजनल कमांडर रविन्द्र गंझू उर्फ मुकेश गंझू उर्फ सुरेन्द्र गंझू को लातेहार पुलिस, सीआरपीएफ और कोबरा बटालियन की संयुक्त टीम ने विशेष अभियान चलाकर गिरफ्तार कर लिया है। 20 लाख रुपये के इनामी इस हार्डकोर माओवादी की गिरफ्तारी को राज्य में नक्सलवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक माना जा रहा है। पुलिस ने उसके कब्जे से AK-56 सहित कई आधुनिक हथियार और बड़ी मात्रा में जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं।
खुफिया सूचना के बाद चला संयुक्त ऑपरेशन, जंगल से हुई गिरफ्तारी
लातेहार के पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव ने बताया कि खुफिया सूचना मिली थी कि रविन्द्र गंझू अपने घर के आसपास बेतर ओपी क्षेत्र के हेसला बांझी टोला, रंगुनिया और कुडू इलाके के जंगलों में अपने साथियों के साथ मौजूद है। सूचना मिलते ही 12 जुलाई को लातेहार पुलिस, सीआरपीएफ और कोबरा-209 बटालियन की संयुक्त टीम ने विशेष अभियान शुरू किया। रणनीतिक तरीके से जंगल की घेराबंदी की गई और अभियान के दौरान रविन्द्र गंझू को हथियारों एवं भारी मात्रा में गोला-बारूद के साथ गिरफ्तार कर लिया गया।
15 लाख राज्य सरकार और 5 लाख NIA ने रखा था इनाम
रविन्द्र गंझू लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के निशाने पर था। झारखंड सरकार ने उस पर 15 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था, जबकि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की ओर से भी 5 लाख रुपये का इनाम रखा गया था। कुल 20 लाख रुपये के इनामी इस माओवादी कमांडर पर हत्या, सुरक्षाबलों पर हमले, आईईडी विस्फोट, रेलवे ट्रैक उड़ाने, लेवी वसूली, आगजनी और हथियार लूट जैसे गंभीर मामलों सहित कुल 154 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
AK-56 समेत भारी मात्रा में हथियार और कारतूस बरामद
गिरफ्तारी के दौरान सुरक्षा बलों ने उसके कब्जे से एक AK-56 राइफल, दो मैगजीन, 180 जिंदा कारतूस, एक 7.65 एमएम ऑटोमेटिक पिस्टल, दो मैगजीन, 12 कारतूस, एक देशी सिंगल बैरल राइफल, 5.56 एमएम के 21 कारतूस, .303 बोर के 16 कारतूस सहित अन्य सामान बरामद किया। पुलिस के अनुसार यह बरामदगी इस बात का संकेत है कि संगठन अभी भी हथियारों के साथ सक्रिय रहने की कोशिश कर रहा था।
154 संगीन मामलों में वांछित, कई बड़े हमलों का आरोपी
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक रविन्द्र गंझू के खिलाफ लातेहार जिले में 40, लोहरदगा में 87 और गुमला जिले में 27 आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसका नाम झारखंड के कई बड़े नक्सली हमलों से जुड़ा रहा है। इन घटनाओं में सुरक्षाबलों पर आईईडी विस्फोट, सीआरपीएफ जवानों पर घातक हमले, रेलवे ट्रैक उड़ाना, पीसीआर वैन पर हमला, हथियार लूटना, सड़क निर्माण कार्यों में बाधा डालना और लेवी नहीं मिलने पर आगजनी जैसी वारदातें शामिल हैं।
इन बड़ी घटनाओं में सामने आया था रविन्द्र गंझू का नाम
पुलिस के अनुसार रविन्द्र गंझू कई चर्चित नक्सली घटनाओं का मुख्य आरोपी रहा है। वर्ष 2011 में राजकीय मध्य विद्यालय परिसर में पुलिस पर हमला और बम विस्फोट, वर्ष 2012 में घाघू में आईईडी विस्फोट कर सुरक्षाबलों के वाहन को उड़ाना, वर्ष 2013 में कटिया जंगल मुठभेड़ में 11 सीआरपीएफ जवानों की शहादत और कुमण्डीह रेलवे स्टेशन के पास पुलिस पर लंबी फायरिंग, वर्ष 2019 में चंदवा में पीसीआर वैन पर हमला कर चार गृहरक्षकों की हत्या और हथियार लूटना, वर्ष 2021 में रेलवे ट्रैक पर विस्फोट तथा लैंडमाइन ब्लास्ट और वर्ष 2022 में लेवी नहीं मिलने पर प्लांट में नौ वाहनों को आग के हवाले करने जैसी कई बड़ी घटनाओं में उसका नाम सामने आया था।
पूछताछ में खुल सकते हैं माओवादी नेटवर्क के कई राज
लातेहार पुलिस का मानना है कि रविन्द्र गंझू की गिरफ्तारी केवल एक इनामी नक्सली की गिरफ्तारी भर नहीं है, बल्कि माओवादी संगठन के शेष नेटवर्क पर एक बड़ा प्रहार है। जांच एजेंसियां अब उससे पूछताछ कर हथियार आपूर्ति तंत्र, लेवी वसूली के नेटवर्क, वित्तीय स्रोतों, सक्रिय दस्तों और सहयोगियों के बारे में अहम जानकारी जुटाने की तैयारी कर रही हैं। अधिकारियों का मानना है कि इस कार्रवाई से झारखंड-बिहार सीमा पर सक्रिय माओवादी गतिविधियों को बड़ा झटका लगेगा।
SP कुमार गौरव ने क्या कहा?
लातेहार के पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव ने बताया कि लातेहार पुलिस, सीआरपीएफ और कोबरा बटालियन की संयुक्त टीम ने खुफिया सूचना के आधार पर सुनियोजित तरीके से विशेष अभियान चलाया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों ने रणनीतिक घेराबंदी कर 20 लाख रुपये के इनामी हार्डकोर माओवादी रविन्द्र गंझू को हथियारों और भारी मात्रा में गोला-बारूद के साथ गिरफ्तार किया है। उनके अनुसार यह नक्सल विरोधी अभियान की बड़ी सफलता है और आगे की पूछताछ से संगठन के नेटवर्क से जुड़े कई महत्वपूर्ण खुलासे होने की उम्मीद है।
