राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस: ब्लू जोन में मिला आरोपी लवकुश मिश्र का निर्माणाधीन मकान, बिना नक्शा पास बनाए दो मंजिला भवन पर कार्रवाई की तैयारी

अयोध्या: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जेल में बंद आरोपी लवकुश मिश्र की मुश्किलें लगातार बढ़ती नजर आ रही हैं। अब उसके निर्माणाधीन दो मंजिला मकान को लेकर भी जांच तेज हो गई है। अयोध्या विकास प्राधिकरण (एडीए) की जांच में सामने आया है कि लवकुश मिश्र का मकान ऐसे क्षेत्र में बनाया जा रहा है, जिसे महायोजना-2031 के तहत ‘ब्लू जोन’ घोषित किया गया है। इसके अलावा भवन निर्माण के लिए आवश्यक मानचित्र भी प्राधिकरण से स्वीकृत नहीं कराया गया है। ऐसे में नोटिस का जवाब नहीं मिलने पर सीलिंग या ध्वस्तीकरण जैसी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

ब्लू जोन में बनाया जा रहा था दो मंजिला मकान

जानकारी के अनुसार लवकुश मिश्र का निर्माणाधीन मकान अयोध्या के सआदतगंज के निकट बनबीरपुर क्षेत्र में स्थित है। यह इलाका सोहावल तहसील के अंतर्गत आता है और सीमा विस्तार के बाद अयोध्या विकास प्राधिकरण के दायरे में शामिल किया गया है। महायोजना-2031 के अनुसार यह क्षेत्र ‘ब्लू जोन’ श्रेणी में आता है, जहां सामान्य आवासीय या व्यावसायिक भवनों के निर्माण की अनुमति नहीं है।

बिना मानचित्र स्वीकृति के हुआ निर्माण

अयोध्या विकास प्राधिकरण की जांच में पाया गया कि निर्माणाधीन भवन का नक्शा प्राधिकरण से स्वीकृत नहीं कराया गया था। अवर अभियंता सुरेंद्र यादव की जांच रिपोर्ट में निर्माण को नियमों के विपरीत बताया गया है। भवन लगभग 1,024 वर्गफुट क्षेत्रफल में बनाया जा रहा है और दो मंजिला निर्माण कार्य जारी था।

पत्नी के नाम भेजा गया नोटिस, जवाब का इंतजार

प्राधिकरण ने इस मामले में लवकुश मिश्र की पत्नी सुप्रिया के नाम नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा था। हालांकि निर्धारित समय के भीतर नोटिस का कोई जवाब प्राप्त नहीं हुआ। एडीए के सचिव एवं प्रवर्तन अधिकारी राजेश मिश्र ने पुष्टि की कि अब दूसरी नोटिस यानी रिमाइंडर जारी करने की तैयारी की जा रही है। यदि इसके बाद भी संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है, तो भवन के खिलाफ सीलिंग या ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा सकती है।

2025 में पत्नी के नाम खरीदी गई थी जमीन

दस्तावेजों के अनुसार संबंधित भूखंड का बैनामा 16 अक्टूबर 2025 को लवकुश मिश्र ने अपनी पत्नी सुप्रिया के नाम कराया था। रजिस्ट्री में लगभग 8.80 लाख रुपये की राशि दर्ज है। इसके बाद इसी वर्ष 6 मार्च को जमीन का नामांतरण (दाखिल-खारिज) भी पूरा हुआ। अब यह संपत्ति भी जांच एजेंसियों और विकास प्राधिकरण की निगरानी में आ गई है।

चढ़ावा चोरी मामले में पहले से जेल में है आरोपी

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में लवकुश मिश्र पहले से न्यायिक हिरासत में है। जांच के दौरान उसके पास से लगभग 14.25 लाख रुपये नकद मिलने की भी जानकारी सामने आई थी। अब अवैध निर्माण के मामले ने उसकी कानूनी मुश्किलों को और बढ़ा दिया है।

क्या होता है ब्लू जोन?

महायोजना-2031 के तहत ब्लू जोन ऐसे क्षेत्रों को कहा जाता है, जिन्हें सार्वजनिक एवं अर्द्ध-सार्वजनिक उपयोग के लिए सुरक्षित रखा जाता है। इन इलाकों में सामान्य आवासीय या व्यावसायिक भवनों के निर्माण की अनुमति नहीं होती। यहां केवल संबंधित विभागों के कार्यालय, कर्मचारी आवास, स्टाफ क्वार्टर या सार्वजनिक उपयोग से जुड़े निर्माण ही नियमानुसार किए जा सकते हैं। ऐसे क्षेत्रों में बिना अनुमति निर्माण करना विकास प्राधिकरण के नियमों का उल्लंघन माना जाता है।

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