झारखंड में विकास की दर्दनाक तस्वीर: पुल नहीं होने से खटिया पर शव ढोकर पार कराया पांगुर नाला, एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच सकी

सिमडेगा: झारखंड के सिमडेगा जिले से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने विकास और बुनियादी सुविधाओं के दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बानो प्रखंड के गेनमेर पंचायत अंतर्गत टोनिया कर्राडमर गांव में पुल के अभाव ने एक बार फिर ग्रामीणों की मजबूरी को सबके सामने ला दिया। गांव निवासी सुनील कडुलना की आत्महत्या के बाद जब उनका शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाना था, तब एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच सकी। ऐसे में ग्रामीणों को शव को खटिया पर रखकर कंधों के सहारे पांगुर नाला पार कराना पड़ा और दूसरी ओर खड़ी एंबुलेंस तक पहुंचाना पड़ा।

शव यात्रा नहीं, बदहाल व्यवस्था की तस्वीर बनी यह घटना

ग्रामीणों द्वारा खटिया पर शव ढोकर उफनते नाले को पार कराने का दृश्य केवल एक परिवार की पीड़ा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह उस गांव की हकीकत को सामने लेकर आया जहां आज भी बुनियादी सुविधाओं का अभाव लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर रहा है। पुल नहीं होने के कारण हर आपातकालीन स्थिति ग्रामीणों के लिए बड़ी चुनौती बन जाती है और बरसात के मौसम में हालात और भी गंभीर हो जाते हैं।

बरसात में पांगुर नाला बन जाता है सबसे बड़ी बाधा

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि पांगुर नाले पर पुल निर्माण की मांग कई वर्षों से लगातार की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है। बारिश के दिनों में नाले का जलस्तर बढ़ जाने से गांव का संपर्क प्रभावित हो जाता है। ऐसे समय में मरीजों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और अन्य जरूरतमंद लोगों को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए भी खटिया का सहारा लेना पड़ता है, क्योंकि वाहन गांव तक पहुंच ही नहीं पाते।

आपातकाल में हर मिनट बन जाता है अहम

ग्रामीणों के अनुसार सड़क और पुल जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी के कारण गंभीर बीमार मरीजों को समय पर इलाज मिलना मुश्किल हो जाता है। कई बार चिकित्सा सुविधा तक पहुंचने में देरी जानलेवा साबित हो सकती है। उनका कहना है कि यदि गांव तक सड़क और पुल की बेहतर व्यवस्था होती, तो ऐसी परिस्थितियों से बचा जा सकता था और लोगों को इस तरह की बेबसी का सामना नहीं करना पड़ता।

घटना के बाद फिर उठी पुल निर्माण की मांग

सुनील कडुलना के शव को खटिया पर ढोकर पांगुर नाला पार कराने की घटना के बाद ग्रामीणों ने एक बार फिर संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों से अविलंब पुल निर्माण की मांग की है। उनका कहना है कि यह केवल एक गांव का मुद्दा नहीं, बल्कि क्षेत्र के लोगों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और सम्मान से जुड़ा विषय है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि इस घटना के बाद प्रशासन इस लंबे समय से लंबित मांग पर गंभीरता से ध्यान देगा, ताकि भविष्य में किसी परिवार को ऐसी परिस्थितियों से न गुजरना पड़े।

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