देवघर: राजकीय श्रावणी मेला 2026 के दौरान बाबा बैद्यनाथ धाम आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सेहत को सुरक्षित रखने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग लगातार सख्त निगरानी कर रहा है। इसी अभियान के तहत विभाग ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए 1,060 किलोग्राम संदिग्ध खोया सील कर दिया। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र के खाद्य कारोबारियों और मिलावट करने वालों में हड़कंप की स्थिति देखी जा रही है।
घोरमारा की पेड़ा दुकान पर अचानक हुई छापेमारी
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने देवघर जिले के मोहनपुर प्रखंड अंतर्गत घोरमारा स्थित ओम जी पेड़ा शॉप में औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान दुकान में पेड़ा बनाने के लिए बड़ी मात्रा में खोया भंडारित मिला। प्रारंभिक जांच में अधिकारियों को खोया की गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर संदेह हुआ, जिसके बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत पूरे 1,060 किलोग्राम खोया को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया।
मिलावटी और एक्सपायरी खाद्य सामग्री भी मौके पर नष्ट
निरीक्षण के दौरान टीम को कुछ खाद्य सामग्री ऐसी भी मिली, जिनकी गुणवत्ता पर सवाल उठे और कुछ उत्पाद एक्सपायरी पाए गए। श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य को किसी भी प्रकार का खतरा न हो, इसे ध्यान में रखते हुए अधिकारियों ने मौके पर ही संदिग्ध और एक्सपायरी खाद्य पदार्थों को नष्ट करा दिया। विभाग का कहना है कि श्रावणी मेला जैसे बड़े धार्मिक आयोजन में खाद्य सुरक्षा के साथ किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जांच रिपोर्ट आने तक बिक्री और उपयोग पर पूरी रोक
खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट आने तक सील किए गए खोया का उपयोग, बिक्री या वितरण पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि लैब जांच में मिलावट या खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
श्रावणी मेला में खाद्य सुरक्षा पर विशेष निगरानी
हर वर्ष श्रावणी मेला के दौरान देशभर से लाखों श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचते हैं। ऐसे में खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से मिठाई, प्रसाद, दूध, खोया और अन्य खाद्य पदार्थों की लगातार जांच की जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध हो सके। विभाग का कहना है कि मिलावट के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
