तमिलनाडु : तमिलनाडु के थूथुकुडी जिले में रविवार को एक पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट ने पूरे इलाके को दहला दिया। एट्टायपुरम के समीप अयन राजापट्टी स्थित बालाजी फायर वर्क्स फैक्ट्री में कामकाज के दौरान अचानक हुए धमाके के बाद अफरा-तफरी मच गई। हादसे में एक महिला कर्मचारी की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 26 अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया और राहत-बचाव अभियान तुरंत शुरू कर दिया गया।
काम के दौरान हुआ धमाका, फैक्ट्री में मची अफरा-तफरी
जानकारी के अनुसार, बालाजी फायर वर्क्स फैक्ट्री में कर्मचारी नियमित कार्य में लगे हुए थे, तभी अचानक तेज धमाका हुआ। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि फैक्ट्री के कई हिस्से क्षतिग्रस्त हो गए। धमाके की आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी, जिससे आसपास के लोगों में भी दहशत फैल गई।
हादसे में जान गंवाने वाली महिला की पहचान मरियम्मल के रूप में हुई है। वह नथाथुपट्टी क्षेत्र की निवासी थीं और फैक्ट्री में कार्यरत थीं। विस्फोट के बाद उन्हें बचाने की कोशिश की गई, लेकिन उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
26 कर्मचारी घायल, तीन की हालत बेहद नाजुक
फैक्ट्री विस्फोट में कुल 26 कर्मचारी झुलस गए हैं। घायलों में कई लोगों को गंभीर चोटें आई हैं, जबकि तीन मजदूरों की हालत चिंताजनक बताई जा रही है। सभी घायलों को तत्काल उपचार के लिए सत्तूर सरकारी अस्पताल भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है।
स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार गंभीर रूप से घायल कर्मचारियों की लगातार निगरानी की जा रही है और उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
फैक्ट्री के कई कमरे तबाह, गिरने का बना खतरा
विस्फोट और उसके बाद लगी आग से फैक्ट्री को भारी नुकसान पहुंचा है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक फैक्ट्री के तीन कमरे पूरी तरह से ध्वस्त हो गए, जबकि दो अन्य कमरों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। क्षतिग्रस्त संरचना के कारण इमारत के किसी भी समय गिरने की आशंका जताई जा रही है।
अधिकारियों ने सुरक्षा के मद्देनजर पूरे क्षेत्र को घेर लिया है और अनावश्यक आवाजाही पर रोक लगा दी गई है।
मलबे में फंसे लोगों की तलाश जारी
घटना की सूचना मिलते ही कोविलपट्टी और विलाथिकुलम से दमकल एवं बचाव विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं। बचावकर्मी मलबे की गहन तलाशी ले रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई अन्य कर्मचारी अंदर फंसा न रह गया हो।
राहत दल अत्यधिक सावधानी के साथ काम कर रहा है क्योंकि फैक्ट्री की क्षतिग्रस्त इमारत कभी भी ढह सकती है। इसके बावजूद बचाव अभियान लगातार जारी रखा गया है और मलबे में दबे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास किया जा रहा है।
धमाके के कारणों की जांच शुरू
दमकल विभाग और स्थानीय प्रशासन ने घटना की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती स्तर पर आग लगने और विस्फोट के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे की असली वजह स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता घायलों का उपचार, बचाव कार्य को पूरा करना और क्षेत्र को सुरक्षित बनाना है। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर पटाखा फैक्ट्रियों में सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
