महाराष्ट्र : महाराष्ट्र के ठाणे जिले के भिवंडी शहर में शुक्रवार को एक बड़ा हादसा हो गया, जब नारपोली क्षेत्र स्थित चार मंजिला कोहिनूर इमारत का एक हिस्सा अचानक ढह गया। हादसे के समय इमारत के निचले हिस्से में काम कर रहे कई मजदूर मलबे की चपेट में आ गए। अब तक 9 मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई अन्य लोगों के अब भी मलबे में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। मौके पर राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), दमकल विभाग, पुलिस और नगर निगम की टीमें संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं।
जर्जर घोषित इमारत का हिस्सा अचानक गिरा
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह हादसा भिवंडी के नारपोली स्थित भंडारी कंपाउंड में मौजूद कोहिनूर इमारत में हुआ। स्थानीय प्रशासन पहले ही इस इमारत को ‘सी-कैटेगरी’ यानी अत्यंत जर्जर और खतरनाक घोषित कर चुका था। अधिकारियों के मुताबिक, इमारत को पहले खाली कराया जा चुका था, लेकिन इसके निचले हिस्से में कुछ मजदूर निर्माण या अन्य कार्य में लगे हुए थे। इसी दौरान इमारत का एक बड़ा हिस्सा अचानक भरभराकर गिर पड़ा।
रेस्क्यू ऑपरेशन में महिला और बच्ची को सुरक्षित निकाला गया
हादसे के तुरंत बाद NDRF और अन्य बचाव दलों ने मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए अभियान शुरू किया। राहत कार्य के दौरान एक महिला को जीवित बाहर निकालकर अस्पताल भेजा गया। इसके अलावा एक बच्ची को भी सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। बच्ची ने बताया कि हादसे के समय उसके माता-पिता किसी तरह बाहर निकलने में सफल रहे, जबकि वह स्वयं मलबे में फंस गई थी, जिसे बचाव दल ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
9 मौतों की पुष्टि, कई लोगों की तलाश जारी
अधिकारियों के अनुसार, अब तक 9 मजदूरों की मौत हो चुकी है। मृतकों में एक की पहचान देवजी नगर निवासी 32 वर्षीय शमीम शेख के रूप में हुई है। अन्य शवों को निकालने और संभावित रूप से फंसे लोगों की तलाश के लिए अभियान लगातार जारी है। प्रशासन का कहना है कि अंतिम संख्या बचाव कार्य पूरा होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
हादसे की वजह क्या हो सकती है?
प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि इमारत के तीन पिलरों को एक साथ हटाने या क्षतिग्रस्त होने से उसका संतुलन बिगड़ गया, जिसके चलते बी-विंग का हिस्सा अचानक ढह गया। हालांकि हादसे के वास्तविक कारणों की पुष्टि विस्तृत तकनीकी जांच के बाद ही हो सकेगी।
राहत और बचाव अभियान लगातार जारी
घटनास्थल पर NDRF, फायर ब्रिगेड, स्थानीय पुलिस और नगर निगम की टीमें जेसीबी मशीनों तथा आधुनिक उपकरणों की मदद से मलबा हटाने का काम कर रही हैं। प्रशासन का प्राथमिक लक्ष्य मलबे में फंसे सभी लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालना है। पूरे इलाके को सुरक्षा के मद्देनजर घेर लिया गया है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।
