कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। 30 जुलाई तक भारत के खाते में तीन स्वर्ण पदकों सहित कुल 17 पदक दर्ज हो चुके हैं। इसके अलावा बॉक्सिंग में भारतीय खिलाड़ियों ने सेमीफाइनल में पहुंचकर कम से कम 10 और पदक सुनिश्चित कर दिए हैं। ऐसे में भारत का कुल पदक आंकड़ा जल्द ही 27 या उससे अधिक तक पहुंचने की उम्मीद है। दूसरी ओर, इस बार पाकिस्तान को अब तक पहला पदक मिलने का इंतजार है।
74 देशों के बीच भारत और पाकिस्तान की मौजूदगी
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में कुल 74 देशों के खिलाड़ी विभिन्न खेलों में हिस्सा ले रहे हैं। पाकिस्तान ने भी अपने दल में 14 पुरुष और 7 महिला खिलाड़ियों को शामिल किया है। पाकिस्तानी खिलाड़ी छह अलग-अलग खेलों में चुनौती पेश कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई भी खिलाड़ी देश के लिए पदक जीतने में सफल नहीं हो सका है।
पाकिस्तान का पदक खाता अब तक नहीं खुला
अब तक के मुकाबलों में पाकिस्तान को कोई पदक नहीं मिला है। हालांकि महिलाओं की 60 किलोग्राम बॉक्सिंग स्पर्धा में फातिमा जहरा सेमीफाइनल में पहुंच चुकी हैं, जिससे पाकिस्तान का कम से कम एक पदक लगभग तय माना जा रहा है। इसके अलावा जेवलिन थ्रो में ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता अरशद नदीम भी फाइनल में पहुंच चुके हैं और उनसे पाकिस्तान को पदक की उम्मीद बनी हुई है।
इंजरी के बाद अरशद नदीम पर नजरें
अरशद नदीम पिछले कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीत चुके हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान के सबसे सफल एथलीटों में गिने जाते हैं। हालांकि हाल के समय में चोट के कारण उनका प्रदर्शन पहले जैसा नहीं रहा है। इसके बावजूद फाइनल में उनकी मौजूदगी पाकिस्तान के लिए उम्मीद की सबसे बड़ी किरण मानी जा रही है।
कॉमनवेल्थ गेम्स में पाकिस्तान का इतिहास
कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में पाकिस्तान अब तक कुल 27 स्वर्ण पदक जीत चुका है। इनमें से 21 स्वर्ण केवल कुश्ती (रेसलिंग) से आए हैं। कुल 82 पदकों में 46 पदक भी रेसलिंग से ही हासिल हुए हैं। लेकिन इस बार कॉमनवेल्थ गेम्स के कार्यक्रम में रेसलिंग शामिल नहीं है, जिसका सीधा असर पाकिस्तान के प्रदर्शन पर दिखाई दे रहा है।
1962 रहा था पाकिस्तान का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन
कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में पाकिस्तान का सबसे सफल अभियान वर्ष 1962 में रहा था। उस संस्करण में पाकिस्तान ने 8 स्वर्ण सहित कुल 9 पदक जीते थे। इसके बाद कई संस्करणों में पाकिस्तान ने अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन इस बार शुरुआती मुकाबलों में उसे कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। अब सबकी निगाहें बॉक्सिंग और जेवलिन थ्रो जैसे इवेंट्स पर टिकी हैं, जहां पाकिस्तान अपना पदक खाता खोलने की कोशिश करेगा।
