मुरैना: मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में रविवार शाम एक दर्दनाक रेल हादसे ने यात्रियों और उनके परिजनों को झकझोर कर रख दिया। खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस में आग लगने की अफवाह फैलने के बाद यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। घबराए लोग अपनी जान बचाने के लिए ट्रेन से नीचे उतरने लगे, लेकिन कुछ ही क्षणों बाद एक और तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आने से चार लोगों की मौत हो गई। हादसे में कई अन्य यात्रियों के घायल होने की भी सूचना है।
हेतमपुर स्टेशन के पास हुआ दर्दनाक हादसा
जानकारी के अनुसार रविवार शाम करीब 4:15 बजे खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस मुरैना के हेतमपुर स्टेशन के पास पहुंची थी। इसी दौरान ट्रेन के एक जनरल कोच में आग लगने की अफवाह फैल गई। अफवाह फैलते ही यात्रियों में भय और भगदड़ का माहौल बन गया। कई यात्रियों ने तत्काल ट्रेन से उतरने का फैसला किया और घबराहट में रेलवे ट्रैक की ओर दौड़ पड़े।
दूसरे ट्रैक पर आ गई पातालकोट एक्सप्रेस
प्रत्यक्षदर्शियों और प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, ट्रेन से उतरने वाले कुछ यात्री पास के मुख्य ट्रैक पर पहुंच गए। इसी दौरान दूसरी दिशा से गाड़ी संख्या 20424 फिरोजपुर-सिवनी पातालकोट एक्सप्रेस तेज रफ्तार से वहां पहुंच गई। अचानक सामने ट्रेन आने से यात्रियों को संभलने का मौका नहीं मिला और वे उसकी चपेट में आ गए।
तीन महिलाओं और एक बच्चे की मौत
इस दर्दनाक हादसे में अब तक तीन महिलाओं और एक बच्चे की मौत की पुष्टि हुई है। मृतकों की पहचान 35 वर्षीय आफरीन, 4 वर्षीय असद, 60 वर्षीय शकुंतला और 58 वर्षीय वीरमा देवी के रूप में की गई है। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
राहत और बचाव कार्य में जुटा प्रशासन
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन, रेलवे सुरक्षा बल (RPF), सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) और स्थानीय प्रशासन की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं। सराय छोला थाना प्रभारी केके सिंह के अनुसार राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू कर दिया गया था। घायलों को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई और प्रभावित यात्रियों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई।
रेलवे ने जारी किया प्रारंभिक बयान
उत्तर मध्य रेलवे की ओर से जारी प्रारंभिक जानकारी में बताया गया कि खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस में किसी यात्री द्वारा अलार्म चेन पुलिंग किए जाने के कारण ट्रेन सेक्शन में रुक गई थी। ट्रेन रुकने के दौरान कुछ यात्री नीचे उतरकर पास की रेलवे लाइन पर चले गए। इसी दौरान पातालकोट एक्सप्रेस की चपेट में आने से यह हादसा हुआ।
जांच के आदेश, सामने आएंगे हादसे के कारण
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि पूरे मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि आग लगने की अफवाह कैसे फैली, अलार्म चेन किसने खींची और किन परिस्थितियों में यात्री ट्रेन से उतरकर दूसरे ट्रैक पर पहुंचे। जांच रिपोर्ट के बाद हादसे की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।
अफवाह बनी जानलेवा
प्रारंभिक तौर पर यह हादसा एक अफवाह के कारण हुआ प्रतीत हो रहा है। आग लगने की अपुष्ट सूचना ने यात्रियों में ऐसा भय पैदा किया कि कई लोगों ने बिना स्थिति की पुष्टि किए ट्रेन छोड़ दी। कुछ ही मिनटों में यह घबराहट एक बड़े हादसे में बदल गई और चार लोगों की जान चली गई।
