वाराणसी: वाराणसी के ऐतिहासिक दालमंडी क्षेत्र में रविवार को प्रशासन ने सड़क चौड़ीकरण और अवैध निर्माणों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया। नगर निगम और वाराणसी विकास प्राधिकरण (VDA) की संयुक्त कार्रवाई में कुल 13 मकानों को ध्वस्त किया गया। इस दौरान पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात रहा और सुरक्षा व्यवस्था के बीच ध्वस्तीकरण का कार्य संपन्न कराया गया।
सड़क चौड़ीकरण परियोजना को लेकर तेज हुई कार्रवाई
प्रशासन ने दालमंडी सड़क चौड़ीकरण परियोजना को तय समयसीमा में पूरा करने का लक्ष्य रखा है। इसी क्रम में दोपहर से ध्वस्तीकरण अभियान शुरू किया गया। अधिकारियों के अनुसार ध्वस्त किए गए भवनों का मलबा भी जल्द हटाया जाएगा ताकि सड़क निर्माण और चौड़ीकरण कार्य को गति मिल सके। प्रशासन का मानना है कि परियोजना पूरी होने के बाद क्षेत्र में यातायात व्यवस्था बेहतर होगी और लोगों को जाम की समस्या से राहत मिलेगी।
नगर निगम और VDA ने मिलकर गिराए 13 भवन
मानसून से पहले खतरनाक और अवैध निर्माणों को हटाने के अभियान के तहत नगर निगम ने पांच जर्जर भवनों और वाराणसी विकास प्राधिकरण ने आठ अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की। नगर निगम द्वारा पहले से चिह्नित जर्जर मकानों को खाली कराने के बाद उन्हें ध्वस्त किया गया, जबकि VDA ने अपने स्तर पर अवैध घोषित भवनों पर कार्रवाई की।
इन भवनों पर हुई कार्रवाई
प्रशासनिक जानकारी के अनुसार नगर निगम द्वारा सीके 43/119, सीके 43/121, सीके 43/115, डी 50/216 और डी 50/250 नंबर के भवनों को अत्यंत जर्जर घोषित किया गया था। वहीं VDA की ओर से C 1/19, D 50/203K, D 50/208, D 50/226, CK 67/31 A-1, CK 40/66 और CK 43/123 समेत अन्य निर्माणों को अवैध मानते हुए कार्रवाई की गई।
भारी पुलिस बल की मौजूदगी में चला अभियान
ध्वस्तीकरण के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। भारी मशीनों की मदद से भवनों को गिराया गया और पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में रखा गया।
स्थानीय लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया
इस कार्रवाई को लेकर क्षेत्र के लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ लोगों ने इसे शहर के विकास और यातायात सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया, जबकि कई प्रभावित परिवारों ने अपनी संपत्तियों के नुकसान को लेकर चिंता जताई। प्रशासन ने प्रभावित लोगों को नियमानुसार मुआवजा और पुनर्वास संबंधी सहायता देने का आश्वासन दिया है।
ध्वस्तीकरण को लेकर उठे कानूनी सवाल
कार्रवाई के बीच कुछ लोगों ने प्रशासनिक प्रक्रिया पर सवाल भी उठाए हैं। अधिवक्ता आमिर रफीक ने आरोप लगाया कि कुछ मामलों में प्रभावित पक्षों को पर्याप्त सुनवाई का अवसर नहीं दिया गया। उनका कहना है कि संबंधित कानूनी प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए था और प्रभावित लोगों को न्यायालय जाने का अवसर मिलना चाहिए।
प्रशासन ने कहा- पहले ही दी गई थी सूचना
अधिकारियों के अनुसार ध्वस्तीकरण से पहले नगर निगम और VDA की ओर से संबंधित भवनों के मालिकों को नोटिस जारी किए गए थे और मुनादी कराकर मकान खाली करने की अपील की गई थी। निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही यह कार्रवाई की गई।
दालमंडी के विकास को मिलेगी नई रफ्तार
प्रशासन का कहना है कि दालमंडी सड़क चौड़ीकरण परियोजना क्षेत्र के विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इससे न केवल यातायात व्यवस्था में सुधार होगा, बल्कि व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है।
