संसद के मानसून सत्र के दौरान शुक्रवार को संसद परिसर में उस समय अलग नजारा देखने को मिला, जब विपक्षी सांसदों ने अयोध्या स्थित राम मंदिर के कथित चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर सांकेतिक प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के माध्यम से विपक्ष ने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए पूरे मामले पर संसद में चर्चा कराने और जवाबदेही तय करने की मांग की।
पप्पू यादव ने निभाई पुजारी की भूमिका
प्रदर्शन के दौरान बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव पुजारी के वेश में संसद भवन के ‘मकर द्वार’ के सामने दान पेटी के साथ बैठे दिखाई दिए। विपक्षी नेताओं ने इस सांकेतिक प्रस्तुति के जरिए कथित चढ़ावा चोरी के आरोपों को राजनीतिक मुद्दे के रूप में उठाने की कोशिश की।
राहुल गांधी ने दान पेटी में डाले पैसे, सांकेतिक नाटक बना चर्चा का विषय
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत कई विपक्षी सांसद दान पेटी में राशि डालने पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान पप्पू यादव ने दान पेटी में डाले गए पैसे अपनी जेब में रख लिए। इस सांकेतिक अभिनय के जरिए विपक्ष ने यह संदेश देने का प्रयास किया कि जिस तरह कथित तौर पर चढ़ावे में अनियमितता का आरोप लगाया जा रहा है, उसी मुद्दे को वह जनता और संसद के सामने उठाना चाहता है।
इसके बाद मौजूद कई विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी करते हुए सांकेतिक रूप से ‘चोर-चोर’ और ‘चढ़ावा चोर’ जैसे नारे लगाए। इस प्रदर्शन का उद्देश्य कथित चढ़ावा चोरी के मामले में जवाबदेही तय करने की मांग को प्रमुखता से उठाना था।
अवधेश प्रसाद बोले— संसद में भी उठेगा यह मुद्दा
फैजाबाद (अयोध्या) से समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि यह मामला अब पूरे देश में चर्चा का विषय बन चुका है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को मजबूती से उठाने की जिम्मेदारी विपक्ष निभाएगा और संसद के भीतर भी इस पर चर्चा की मांग की जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि अयोध्या भगवान श्रीराम की पावन नगरी है और यदि वहां से जुड़े किसी मामले पर सवाल उठते हैं तो उसकी निष्पक्ष जांच और जवाबदेही आवश्यक है। विपक्ष इस मुद्दे को लोकतांत्रिक तरीके से संसद और जनता के बीच उठाता रहेगा।
छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर भी हुई नारेबाजी
राम मंदिर के कथित चढ़ावा मामले के अलावा विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई का मुद्दा भी उठाया। इस दौरान कई नेताओं ने नारेबाजी करते हुए गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग दोहराई और छात्रों से जुड़े घटनाक्रम पर सरकार से जवाब मांगा।
