Rahul Gandhi on Amit Shah: ‘छात्रों पर हुई हिंसा पर संसद में जवाब देने से क्यों बच रहे हैं अमित शाह?’ राहुल गांधी ने उठाए तीखे सवाल

दिल्ली : दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर सियासी बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि आखिर वह इस पूरे मामले पर संसद में आकर जवाब देने से क्यों बच रहे हैं। राहुल गांधी ने कहा कि इस मामले पर गृह मंत्री की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है और इससे अपराधबोध का संकेत मिलता है।

संसद में जवाब देने की मांग को लेकर राहुल गांधी का सवाल

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए कहा कि छात्रों के खिलाफ हुई कथित बर्बर हिंसा पर गृह मंत्री अमित शाह को संसद में आकर अपनी बात रखनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सरकार के पास स्पष्ट जवाब है तो फिर संसद में इस मुद्दे पर चर्चा और स्पष्टीकरण देने से परहेज क्यों किया जा रहा है।

छात्रों के लिए न्याय की मांग, स्वतंत्र जांच की पैरवी

कांग्रेस नेता ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान जिन छात्रों के साथ कथित तौर पर बलप्रयोग हुआ, उन्हें न्याय मिलना चाहिए। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एक स्वतंत्र और उच्चाधिकार प्राप्त समिति से कराई जाए, ताकि निष्पक्ष तरीके से सभी तथ्यों की जांच हो सके।

पुलिस कार्रवाई का वीडियो साझा कर जताई चिंता

राहुल गांधी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट के साथ प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई से जुड़ा एक वीडियो भी साझा किया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में छात्रों की आवाज सुनी जानी चाहिए और यदि किसी प्रकार की हिंसा या बलप्रयोग हुआ है तो उसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। उनका कहना है कि न्यायिक निगरानी में जांच होने से पूरे मामले की पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सकती है।

पहले भी गृह मंत्री पर साध चुके हैं निशाना

इससे पहले भी राहुल गांधी ने दिल्ली में छात्रों के साथ हुई कथित बर्बरता के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को जिम्मेदार ठहराया था। उन्होंने यह भी कहा था कि इस पूरे घटनाक्रम की जवाबदेही तय होनी चाहिए और मामले की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। कांग्रेस लगातार इस मुद्दे पर सरकार से जवाब मांग रही है और न्यायिक निगरानी में जांच की मांग दोहरा रही है।

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