हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले में संसारी-किलाड़-तिंदी-थिरोट सड़क पर शुक्रवार दोपहर हुआ भीषण सड़क हादसा पूरे पांगी और उदयपुर घाटी के लिए कभी न भूलने वाला दर्द बन गया। पहाड़ी से अचानक गिरी भारी चट्टान एक टाटा सूमो टैक्सी पर आ गिरी, जिससे वाहन में सवार सभी 13 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई और जिन घरों में शाम तक अपनों के लौटने की उम्मीद थी, वहां मातम पसरा हुआ है।
घर लौटने की खुशी पलभर में मातम में बदली
जानकारी के अनुसार, वाहन में सवार अधिकांश लोग कुल्लू से अपने घर पांगी लौट रहे थे। कोई इलाज कराकर वापस आ रहा था तो कोई निजी काम निपटाने के बाद घर लौट रहा था। परिवारों को उम्मीद थी कि उनके अपने सुरक्षित घर पहुंच जाएंगे, लेकिन रास्ते में हुए इस हादसे ने कई परिवारों की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं।
कहीं बुजुर्ग अपने बेटे का इंतजार कर रहे थे तो कहीं छोटे-छोटे बच्चे अपने माता-पिता के घर लौटने की राह देख रहे थे। जैसे ही हादसे की सूचना पांगी और लाहौल क्षेत्र में पहुंची, पूरे इलाके में शोक और सन्नाटा छा गया।
कई परिवारों ने एक साथ खो दिए अपने सदस्य
इस हादसे में घिसाल, साच और उदयपुर क्षेत्र के कई परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया। सबसे अधिक दर्द उन परिवारों का है, जहां एक ही हादसे में परिवार के दो-दो सदस्य हमेशा के लिए बिछड़ गए। कई घरों के इकलौते बेटे की मौत हो गई, जबकि कुछ परिवारों ने अपने माता-पिता या अन्य करीबी सदस्यों को एक साथ खो दिया।
इलाज कराकर लौट रहे पिता-पुत्र भी नहीं बच सके
घिसाल गांव के रहने वाले सौरभ सिंह अपने बीमार पिता बीर सिंह का कुल्लू में उपचार कराने के बाद घर लौट रहे थे। परिवार को उम्मीद थी कि इलाज के बाद अब सब कुछ सामान्य हो जाएगा, लेकिन गोरना के पास अचानक पहाड़ी से गिरी चट्टानों ने उनकी गाड़ी को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में पिता और पुत्र दोनों की एक साथ मौत हो गई, जिससे पूरे गांव में शोक का माहौल है।
मां और छह महीने के मासूम की एक साथ मौत
उदयपुर की रहने वाली सोमान आंगमो अपने छह महीने के मासूम बेटे आरू के साथ पांगी जा रही थीं। सफर के दौरान हुई इस दुर्घटना में मां और मासूम बेटे दोनों की जान चली गई। इस खबर ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया और परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
पति ने तिंदी तक छोड़ा, आगे का सफर बन गया आखिरी यात्रा
सोमान आंगमो के पति छेरिंग दोरजे को शायद यह अंदाजा भी नहीं था कि पत्नी और मासूम बच्चे से उनकी यह आखिरी मुलाकात होगी। बताया जा रहा है कि छेरिंग दोरजे मयाड़ घाटी के छालिंग गांव के रहने वाले हैं, जबकि उनकी पत्नी का मायका पांगी क्षेत्र में था। वह अपनी पत्नी और बच्चे को मायके भेजने के लिए उदयपुर से तिंदी तक छोड़ने आए थे। इसके बाद पत्नी और बच्चा जिस वाहन से आगे रवाना हुए, वही रास्ते में हादसे का शिकार हो गया।
पूरे पांगी और उदयपुर घाटी में शोक का माहौल
दुर्घटना के बाद पांगी क्षेत्र के मृतकों के घरों में रिश्तेदारों, ग्रामीणों और परिचितों का लगातार पहुंचना जारी है। हर गांव और हर परिवार में गम का माहौल है। यह हादसा न केवल मृतकों के परिजनों बल्कि पूरे पांगी और उदयपुर घाटी के लोगों के लिए गहरा सदमा बन गया है।
