बिहार : बिहार के चर्चित कोचिंग विवाद से जुड़े रोशन आनंद के भाई प्रिंस आनंद की नेपाल में हुई संदिग्ध मौत के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। मामले में अब जनशक्ति जनता दल के प्रमुख और बिहार के वरिष्ठ नेता के बेटे तेज प्रताप यादव की भी एंट्री हो गई है। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
प्रिंस आनंद की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसे लेकर अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। वहीं परिवार के सदस्य लगातार इस मामले की गहन जांच की मांग कर रहे हैं।
तेज प्रताप यादव ने लगाए गंभीर आरोप
प्रिंस आनंद की मौत को लेकर प्रतिक्रिया देते हुए तेज प्रताप यादव ने कहा कि यह बेहद दुखद घटना है और इसकी पूरी सच्चाई सामने आनी चाहिए। उन्होंने कुछ व्यक्तियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
हालांकि जिन लोगों पर आरोप लगाए गए हैं, उनकी ओर से इन आरोपों पर सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। फिलहाल आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और जांच एजेंसियों की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
रोशन आनंद को परोल देने की उठी मांग
तेज प्रताप यादव ने सरकार से मांग की है कि रोशन आनंद को परोल पर रिहा किया जाए ताकि वह अपने भाई के अंतिम संस्कार में शामिल हो सकें। उन्होंने कहा कि मानवीय आधार पर यह कदम उठाया जाना चाहिए और परिवार को न्याय दिलाने के लिए प्रशासन को संवेदनशीलता दिखानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि इस मांग का समर्थन उनकी पार्टी के कार्यकर्ता और कई अन्य लोग भी कर रहे हैं।
नेपाल में हुई प्रिंस आनंद की संदिग्ध मौत
जानकारी के अनुसार ज्ञान बिंदु संस्थान के निदेशक रोशन आनंद के भाई प्रिंस आनंद नेपाल गए हुए थे। वहीं उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने की खबर सामने आई। परिवार का कहना है कि उन्हें मौत की जानकारी सीधे तौर पर नहीं मिली, बल्कि सोशल मीडिया के जरिए इस घटना की सूचना मिली।
परिजनों का दावा है कि प्रिंस पूरी तरह स्वस्थ थे और उनकी मौत की परिस्थितियां कई सवाल खड़े करती हैं। परिवार के सदस्य अब नेपाल पहुंचकर मामले की जानकारी जुटाने में लगे हुए हैं।
परिवार ने उठाए कई सवाल
प्रिंस आनंद के रिश्तेदारों का कहना है कि हाल के विवादों के बाद वह नेपाल चले गए थे। परिवार का आरोप है कि उन्हें कुछ मामलों में फंसाने की कोशिश की जा रही थी। हालांकि इन दावों की भी अभी तक किसी एजेंसी द्वारा पुष्टि नहीं की गई है।
इस बीच प्रिंस आनंद की मौत को लेकर सोशल मीडिया पर भी कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं, लेकिन आधिकारिक तौर पर मौत के कारणों का खुलासा होना अभी बाकी है।
जांच रिपोर्ट पर टिकी सबकी नजर
मामले ने राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा तेज कर दी है। अब सभी की नजर नेपाल और भारत की संबंधित एजेंसियों की जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि प्रिंस आनंद की मौत किन परिस्थितियों में हुई और इसके पीछे कोई साजिश थी या नहीं।
