कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सरकार को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि छात्रों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई का सिलसिला नहीं रुका, तो पार्टी पूरे देश में एक बड़े और शांतिपूर्ण जनआंदोलन की शुरुआत करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उनका कहना है कि सरकार को तुरंत छात्रों का उत्पीड़न बंद करना चाहिए और उन्हें सुरक्षा का भरोसा देना चाहिए।
प्रदर्शनकारियों के लिए लिखित आश्वासन की मांग पर अड़ी CJP
कॉकरोच जनता पार्टी का कहना है कि प्रदर्शन समाप्त होने के बावजूद अब तक सरकार की ओर से वह लिखित आश्वासन नहीं दिया गया है, जिसकी मांग लगातार की जा रही है। पार्टी चाहती है कि सरकार स्पष्ट रूप से यह सुनिश्चित करे कि प्रदर्शन में शामिल किसी भी छात्र, आयोजक या समर्थक के खिलाफ न तो कोई नया मामला दर्ज किया जाएगा और न ही उन्हें भविष्य में किसी तरह की प्रशासनिक या पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
सीजेपी नेताओं के अनुसार, 25 जुलाई को प्रदर्शन समाप्त करने से पहले सरकार के साथ हुई तीसरे दौर की बातचीत में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा हुई थी और प्रदर्शन समाप्त करने का फैसला भी इसी भरोसे के आधार पर लिया गया था।
सरकार से सभी वादे निभाने की अपील
सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि सरकार द्वारा किए गए वादों को पूरा करने की समय-सीमा समाप्त हो चुकी है। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील करते हुए कहा कि बातचीत के दौरान किए गए सभी आश्वासनों को तत्काल लागू किया जाए।
रांका ने कहा कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर वापस ली जानी चाहिए और यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि भविष्य में किसी भी छात्र या आंदोलन से जुड़े व्यक्ति को परेशान न किया जाए। उनका कहना है कि सरकार को उसी समझौते का सम्मान करना चाहिए, जिसके आधार पर आंदोलन समाप्त किया गया था।
वादे पूरे नहीं हुए तो फिर शुरू होगा देशव्यापी विरोध
आशुतोष रांका ने साफ शब्दों में कहा कि यदि सरकार अपने वादों से पीछे हटती है तो कॉकरोच जनता पार्टी के पास दोबारा देशव्यापी आंदोलन शुरू करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन छात्रों और युवाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए होगा और पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से चलाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि कोई भी सरकार युवाओं से किए गए वादे तोड़कर यह उम्मीद नहीं कर सकती कि वे हमेशा चुप रहेंगे। यदि आश्वासनों का पालन नहीं किया गया, तो देशभर की सड़कें एक बार फिर युवाओं की आवाज बनेंगी।
तीसरे दौर की वार्ता का किया जिक्र
सीजेपी प्रवक्ता ने यह भी कहा कि सरकार के साथ हुई तीसरे दौर की बातचीत में दोनों पक्षों के बीच इस बात पर सहमति बनी थी कि देशभर में प्रदर्शनकारियों और आयोजकों के खिलाफ दर्ज सभी प्राथमिकियां वापस ली जाएंगी। साथ ही भविष्य में किसी भी प्रदर्शनकारी या आयोजक के खिलाफ नई एफआईआर दर्ज नहीं करने पर भी सहमति बनी थी।
हालांकि, पार्टी का आरोप है कि अब तक इन आश्वासनों को पूरी तरह लागू नहीं किया गया है। इसी कारण संगठन लगातार सरकार से लिखित गारंटी की मांग कर रहा है और चेतावनी दे रहा है कि यदि वादों को जल्द पूरा नहीं किया गया, तो आंदोलन फिर से शुरू किया जा सकता है।
