Himachal Pradesh News: कांगड़ा के गगल में मांझी पुल पर शनिवार सुबह दर्दनाक सड़क हादसे में स्कूटी सवार संदीप कुमार की जान चली गई। हादसे के बाद चालक और परिचालक के मौके से चले जाने पर ग्रामीण भड़क उठे। गुस्साए लोगों ने बस में तोड़फोड़ की और सड़क पर धरना दिया। करीब पांच घंटे तक नेशनल हाईवे जाम रहने से एंबुलेंस समेत सैकड़ों वाहन फंसे रहे।
कांगड़ा: हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में शनिवार सुबह एक भीषण सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। पुलिस थाना गगल के अंतर्गत मांझी पुल पर निजी बस की चपेट में आने से स्कूटी सवार 40 वर्षीय युवक की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान रछियालू गांव निवासी संदीप कुमार के रूप में हुई है। हादसे के बाद बस चालक और परिचालक के मौके से चले जाने की खबर से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया।
घटना के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने दुर्घटनाग्रस्त बस में तोड़फोड़ की और चालक-परिचालक को मौके पर बुलाने की मांग करते हुए सड़क पर धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शन के कारण नेशनल हाईवे पर करीब पांच घंटे तक यातायात बाधित रहा। इस दौरान एंबुलेंस सहित सैकड़ों वाहन जाम में फंस गए। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाना पड़ा।
दूध बांटकर घर लौट रहा था संदीप, मांझी पुल पर हुआ हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, संदीप कुमार शनिवार सुबह रोजाना की तरह स्कूटी लेकर दूध बांटने के लिए गगल गया था। दूध वितरण करने के बाद वह घर लौट रहा था। इसी दौरान मांझी पुल के पास वह सड़क किनारे अपनी स्कूटी पर बैठकर दूसरी ओर जाने का इंतजार कर रहा था।
बताया गया कि तभी पीछे से आ रही एक निजी बस ने सड़क किनारे खड़ी उसकी स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि संदीप बस के अगले टायर की चपेट में आ गया। हादसे में उसे गंभीर चोटें आईं और उसने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। दुर्घटना में उसका हेलमेट भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
जानकारी के अनुसार, यह हादसा सुबह करीब 9 बजकर 3 मिनट पर हुआ। घटना की खबर फैलते ही आसपास के लोग घटनास्थल पर जमा हो गए।
चालक-परिचालक के मौके से जाने पर भड़के ग्रामीण, बस में की तोड़फोड़
हादसे के बाद निजी बस के चालक और परिचालक के मौके से चले जाने पर स्थानीय लोगों का गुस्सा बढ़ गया। आक्रोशित ग्रामीणों ने बस में आग लगाने की चेतावनी तक दे दी। हालांकि, मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए आगजनी की घटना को रोक दिया।
इसके बावजूद गुस्साए लोगों ने बस की खिड़कियों के शीशे तोड़ दिए। ग्रामीणों की मांग थी कि बस के चालक और परिचालक को घटनास्थल पर बुलाया जाए और उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए।
सुबह करीब 11 बजे ग्रामीण बस के आगे धरने पर बैठ गए। देखते ही देखते सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और नेशनल हाईवे पर आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया।
तहसीलदार, SDM और SP मौके पर पहुंचे, फॉरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों के पहुंचने का क्रम सुबह करीब 11 बजकर 10 मिनट से शुरू हुआ।
सुबह 11:10 बजे तहसीलदार कांगड़ा घटनास्थल पर पहुंचे। इसके बाद 11:13 बजे एसडीएम अंजलि गर्ग और 11:15 बजे फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। फॉरेंसिक टीम ने दुर्घटना से जुड़े साक्ष्य जुटाए, ताकि हादसे की परिस्थितियों की जांच की जा सके।
इसके बाद सुबह 11:28 बजे एसपी कांगड़ा कुलभूषण वर्मा भी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों से बातचीत की और उन्हें उचित कानूनी कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
प्रशासन और पुलिस अधिकारियों की ओर से कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीणों का विरोध धीरे-धीरे शांत हुआ। दोपहर करीब 1:20 बजे संदीप कुमार के शव को सड़क से हटाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। इसके बाद दोपहर 1:55 बजे हाईवे पर यातायात बहाल हो सका।
पांच घंटे के जाम में फंसी एंबुलेंस, मरीजों को हुई परेशानी
मांझी पुल पर हुए हादसे के बाद ग्रामीणों के प्रदर्शन और सड़क जाम का असर आम लोगों पर भी पड़ा। हाईवे पर वाहनों की लंबी कतार लगने से यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
इस दौरान मरीजों को लेकर जा रही एक एंबुलेंस भी जाम में फंस गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एंबुलेंस को वैकल्पिक रास्ते से उसके गंतव्य तक पहुंचाने की व्यवस्था करनी पड़ी।
वहीं, केरल से आए एक दंपती की गगल एयरपोर्ट से उड़ान भी जाम के कारण छूट गई। दंपती ने समय पर एयरपोर्ट पहुंचने के लिए प्रदर्शन कर रहे लोगों और आसपास मौजूद लोगों से रास्ता देने की गुहार लगाई, लेकिन वाहनों की लंबी कतार के चलते वे समय पर एयरपोर्ट नहीं पहुंच सके।
परिवार का इकलौता कमाने वाला था संदीप, पीछे छूट गए दो छोटे बेटे
इस हादसे ने रछियालू गांव के एक परिवार को गहरे दुख में डाल दिया है। संदीप कुमार परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था। उसके परिवार में पत्नी और दो बेटे हैं, जिनकी उम्र महज तीन और सात साल बताई गई है।
संदीप की अचानक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। दोनों मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया। वहीं पत्नी और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी इस घटना के बाद मातम पसरा हुआ है।
SP ने बताया- चंबा से पठानकोट जा रही थी बस, चालक ने किया आत्मसमर्पण
एसपी कांगड़ा कुलभूषण वर्मा ने हादसे को लेकर जानकारी देते हुए बताया कि दुर्घटना में शामिल निजी बस चंबा से पठानकोट की ओर जा रही थी। बस चालक की पहचान पठियार निवासी विजय कुमार के रूप में हुई है।
एसपी के अनुसार, हादसे के बाद चालक और परिचालक ने बाद में पुलिस थाना पहुंचकर आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने बस चालक का मेडिकल परीक्षण भी करवाया है। मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि पुलिस थाना गगल में मामले को लेकर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस हादसे से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा गया शव, परिवार को मिली फौरी राहत
पुलिस ने संदीप कुमार के शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज टांडा भेजा था। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
प्रशासन की ओर से मृतक के परिवार को तत्काल फौरी राहत भी प्रदान की गई है। अधिकारियों के मुताबिक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की राहत राशि जारी की जाएगी।
मांझी पुल पर हुए इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और मेडिकल रिपोर्ट सहित अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
