Bullet Train Northern Corridor: उत्तर प्रदेश और बिहार के यात्रियों के लिए हाई-स्पीड रेल कनेक्टिविटी की बड़ी योजना सामने आई है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के मुताबिक, प्रस्तावित दिल्ली-गुवाहाटी नॉर्दर्न कॉरिडोर आगरा, कानपुर, लखनऊ, अयोध्या, वाराणसी और पटना जैसे शहरों को जोड़ेगा। इस रूट पर दिल्ली से आगरा का सफर 59 मिनट और दिल्ली से वाराणसी की दूरी 3 घंटे 33 मिनट में तय करने का लक्ष्य बताया गया है।
नई दिल्ली/वाराणसी: उत्तर प्रदेश और बिहार के रेल यात्रियों के लिए हाई-स्पीड रेल कनेक्टिविटी को लेकर एक बड़ी घोषणा सामने आई है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वाराणसी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान दिल्ली से गुवाहाटी तक प्रस्तावित बुलेट ट्रेन के उत्तरी कॉरिडोर की जानकारी दी। इस कॉरिडोर के जरिए उत्तर प्रदेश और बिहार के कई प्रमुख शहरों को हाई-स्पीड रेल नेटवर्क से जोड़ने की योजना है।
रेल मंत्री के मुताबिक, प्रस्तावित रूट दिल्ली से शुरू होकर आगरा, कानपुर, लखनऊ और अयोध्या होते हुए वाराणसी, पटना और आगे गुवाहाटी तक जाएगा। इस परियोजना के पूरा होने पर उत्तर भारत के बड़े शहरों के बीच यात्रा का समय काफी कम हो सकता है। इससे नौकरी, कारोबार, पढ़ाई और इलाज के लिए एक शहर से दूसरे शहर जाने वाले यात्रियों को फायदा मिलने की उम्मीद है।
अश्विनी वैष्णव ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुलेट ट्रेन नेटवर्क के नॉर्दर्न कॉरिडोर को मंजूरी दी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में यह कॉरिडोर पूरा होगा और उत्तर प्रदेश, बिहार सहित पूर्वोत्तर के शहरों के बीच तेज रेल संपर्क विकसित होगा।
दिल्ली से आगरा सिर्फ 59 मिनट में पहुंचने का लक्ष्य
रेल मंत्री ने प्रस्तावित बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के तहत अलग-अलग शहरों के बीच यात्रा में लगने वाले अनुमानित समय की जानकारी भी दी। उनके मुताबिक, दिल्ली से आगरा का सफर महज 59 मिनट में पूरा किया जा सकेगा। यानी यात्रियों को इस दूरी के लिए एक घंटे से भी कम समय लगेगा।
वहीं, दिल्ली से कानपुर पहुंचने में करीब 1 घंटे 45 मिनट लगने का अनुमान बताया गया है। इस कनेक्टिविटी से दिल्ली और कानपुर के बीच आने-जाने वाले यात्रियों को काफी सुविधा मिलने की उम्मीद है।
‘दिल्ली में काम करें, कानपुर में खाएं ठग्गू के लड्डू’
बुलेट ट्रेन की रफ्तार और इससे मिलने वाली सुविधा को समझाते हुए अश्विनी वैष्णव ने कानपुर के मशहूर ठग्गू के लड्डू का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भविष्य में लोग दिल्ली से कानपुर जाकर वहां के प्रसिद्ध लड्डू का आनंद ले सकेंगे और फिर वापस दिल्ली लौटकर अपना काम शुरू कर पाएंगे।
रेल मंत्री का यह उदाहरण बताता है कि हाई-स्पीड रेल नेटवर्क बनने के बाद बड़े शहरों के बीच रोजाना यात्रा करना कितना आसान हो सकता है। हालांकि, इसके लिए प्रस्तावित कॉरिडोर का निर्माण और संचालन शुरू होना जरूरी होगा।
दिल्ली से लखनऊ 2 घंटे 12 मिनट, काशी से लखनऊ 1 घंटे 21 मिनट
प्रस्तावित नॉर्दर्न कॉरिडोर से उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ को भी हाई-स्पीड रेल नेटवर्क से जोड़ने की योजना है। रेल मंत्री के अनुसार, दिल्ली से लखनऊ की यात्रा करीब 2 घंटे 12 मिनट में पूरी की जा सकेगी।
वहीं, काशी यानी वाराणसी से लखनऊ पहुंचने में लगभग 1 घंटे 21 मिनट लगने का अनुमान है। इससे पूर्वांचल और प्रदेश की राजधानी के बीच यात्रा करने वाले लोगों को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है। कारोबार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य जरूरी कामों के लिए दोनों शहरों के बीच आवागमन पहले से तेज हो सकेगा।
काशी से पटना सिर्फ एक घंटे में, दिल्ली से वाराणसी 3 घंटे 33 मिनट में
बुलेट ट्रेन कॉरिडोर का सबसे अहम हिस्सा उत्तर प्रदेश और बिहार के बीच बेहतर कनेक्टिविटी माना जा रहा है। अश्विनी वैष्णव ने बताया कि प्रस्तावित नेटवर्क के तहत काशी से पटना का सफर लगभग एक घंटे में पूरा किया जा सकेगा।
इसके अलावा दिल्ली से वाराणसी पहुंचने में करीब 3 घंटे 33 मिनट लगने का अनुमान है। रेल मंत्री ने कहा कि इस नेटवर्क के विकसित होने के बाद दिल्ली से काशी जाने वाले यात्रियों को हवाई यात्रा पर निर्भर रहने की जरूरत कम हो सकती है।
वाराणसी और पटना जैसे प्रमुख शहरों के बीच हाई-स्पीड रेल संपर्क बनने से यात्रियों के साथ-साथ पर्यटन, व्यापार और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।
दिल्ली से गुवाहाटी तक बनेगा व्यापक हाई-स्पीड कनेक्टिविटी नेटवर्क
रेल मंत्री के मुताबिक, नॉर्दर्न कॉरिडोर केवल दिल्ली और उत्तर प्रदेश के शहरों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसके जरिए बिहार और पूर्वोत्तर के गुवाहाटी तक कनेक्टिविटी विकसित करने की योजना है।
इस नेटवर्क में दिल्ली, आगरा, कानपुर, लखनऊ, अयोध्या, वाराणसी, पटना और गुवाहाटी जैसे शहर शामिल होंगे। इससे उत्तर भारत और पूर्वोत्तर के बीच तेज परिवहन व्यवस्था तैयार करने में मदद मिल सकती है।
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इस परियोजना का लाभ आम लोगों, मध्यमवर्गीय परिवारों, युवाओं और कामकाज, पढ़ाई या इलाज के लिए यात्रा करने वाले यात्रियों को मिलेगा। उनका कहना है कि बुलेट ट्रेन लोगों को एक शहर से दूसरे शहर तक पहुंचने का तेज और सुलभ विकल्प उपलब्ध कराएगी।
फ्लाइट से कम होगा बुलेट ट्रेन का किराया? रेल मंत्री ने किया दावा
रेल मंत्री ने यह भी कहा कि बुलेट ट्रेन का किराया हवाई जहाज के टिकट से कम रखा जाएगा। यदि ऐसा होता है तो मध्यमवर्गीय परिवारों और नियमित यात्रियों के लिए हाई-स्पीड ट्रेन एक आकर्षक विकल्प बन सकती है।
कम यात्रा समय और अपेक्षाकृत किफायती किराये के कारण इस नेटवर्क से पर्यटन, कारोबार और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। हालांकि, वास्तविक किराया, टिकट व्यवस्था और ट्रेन संचालन से जुड़ी विस्तृत जानकारी परियोजना के आगे बढ़ने के साथ सामने आएगी।
UP-बिहार के यात्रियों को कब मिलेगी बुलेट ट्रेन की सुविधा?
दिल्ली-गुवाहाटी नॉर्दर्न कॉरिडोर को लेकर रेल मंत्री की घोषणा के बाद उत्तर प्रदेश और बिहार के यात्रियों में उत्सुकता बढ़ गई है। प्रस्तावित रूट में शामिल शहरों के बीच यात्रा का समय काफी कम होने का अनुमान है। लेकिन यात्रियों को यह ध्यान रखना होगा कि बताए गए यात्रा समय परियोजना के प्रस्तावित लक्ष्य हैं, मौजूदा ट्रेन सेवाओं का समय नहीं।
कॉरिडोर के निर्माण, स्टेशनों, तकनीकी व्यवस्था, बजट, समयसीमा और संचालन से जुड़ी विस्तृत जानकारी सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि अलग-अलग शहरों को बुलेट ट्रेन की सुविधा कब तक मिलेगी। फिलहाल इस योजना से उत्तर प्रदेश, बिहार और पूर्वोत्तर के बीच हाई-स्पीड रेल कनेक्टिविटी की नई उम्मीद जगी है।
