मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी इंडिया गठबंधन ने ‘जन-महाभियोग’ के जरिए अपना विरोध तेज कर दिया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर आयोजित सांकेतिक संसद में विपक्षी नेताओं ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया। इस दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने निर्वाचन आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ज्ञानेश कुमार को पद से जाना ही होगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का जिक्र करते हुए कहा कि कोई भी सुरक्षा कवच उन्हें बचा नहीं पाएगा। राहुल गांधी ने चेतावनी दी कि देश के लोग, सांसद और युवा इस मामले को न भूलेंगे और न माफ करेंगे।
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंडिया गठबंधन का ‘जन-महाभियोग’, खड़गे के आवास पर जुटे विपक्षी नेता
मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी इंडिया गठबंधन ने एकजुट होकर विरोध दर्ज कराया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर आयोजित सांकेतिक संसद में विपक्षी नेताओं ने ‘जन-महाभियोग’ की कार्यवाही की। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने की।
कार्यवाही के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जन-महाभियोग प्रस्ताव पेश किया। मौजूद विपक्षी सदस्यों ने इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित कर दिया। कार्यक्रम के अंत में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अपना संबोधन दिया और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त को हटाने की मांग दोहराई।
‘ज्ञानेश कुमार को जाना ही होगा’, राहुल गांधी ने निर्वाचन आयोग पर लगाए गंभीर आरोप
राहुल गांधी ने अपने भाषण की शुरुआत मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तीखे हमले के साथ की। उन्होंने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार ने भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था और देश की आत्मा पर हमला किया है। राहुल गांधी ने यहां तक कहा कि उनके खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा चलाया जाना चाहिए।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि देश के कई संस्थानों पर कब्जा किया जा रहा है और निर्वाचन आयोग भी इससे अछूता नहीं है। उन्होंने मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने का मुद्दा उठाया।
राहुल गांधी ने कहा कि यह बेहद असामान्य स्थिति है कि पूरे विपक्ष को मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ चर्चा करने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास के गार्डन में बैठना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि संस्थानों पर कब्जे के कारण विपक्ष के सामने अब इस तरह का कार्यक्रम आयोजित करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।
13.1 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाने का दावा, राहुल गांधी ने 2024 चुनाव पर उठाए सवाल
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर गंभीर दावा किया। उन्होंने कहा कि देश के करीब 13.1 करोड़ मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं। उनके मुताबिक, यह संख्या देश के हर सात में से एक व्यक्ति और लगभग 15 प्रतिशत मतदाताओं के बराबर है।
उन्होंने निर्वाचन आयोग की ओर से दिए जाने वाले स्पष्टीकरण पर भी सवाल उठाए। राहुल गांधी ने कहा कि यदि आयोग का कहना है कि इन लोगों ने मतदान नहीं किया, तो इससे 2024 के लोकसभा चुनाव की वैधता पर सवाल खड़े होते हैं।
उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में जीत और हार के अंतर का जिक्र करते हुए कहा कि कई सीटों पर जीत का अंतर बेहद कम था और करीब 3 प्रतिशत के अंतर का उल्लेख किया। राहुल गांधी का कहना था कि जब इतने बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाए जाने का आरोप है, तो चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
‘मोदी और शाह ऊपर हैं, उनसे हम निपटेंगे’, ज्ञानेश कुमार को बताया औजार
राहुल गांधी ने अपने भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार जैसे अधिकारी सत्ता के प्रभाव में काम कर रहे हैं और चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे हैं।
राहुल गांधी ने कहा, “मोदी और शाह ऊपर हैं, उनसे हम निपटेंगे, लेकिन आप (ज्ञानेश कुमार) उनके औजार हैं और पहला निशाना आप ही हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि ज्ञानेश कुमार उस संस्था के पीछे छिप रहे हैं, जिसकी रक्षा करना उनकी जिम्मेदारी है। राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि विपक्ष मुख्य निर्वाचन आयुक्त को उनके पद से हटाने की मांग पर पीछे हटने वाला नहीं है।
‘देश के लोग, सांसद और युवा न भूलेंगे, न माफ करेंगे’, राहुल गांधी की चेतावनी
अपने संबोधन के दौरान राहुल गांधी ने ज्ञानेश कुमार और उनके साथ काम करने वाले अधिकारियों को लेकर भी कड़ी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि यदि मुख्य निर्वाचन आयुक्त और उनके साथ काम करने वाले पांच-छह लोग यह सोचते हैं कि कानून या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन्हें बचा लेंगे, तो उन्हें देश के लोगों के मूड को समझना चाहिए।
राहुल गांधी ने कहा, “हमारी गारंटी है कि भारत के लोग, सांसद और युवा इस कृत्य को न भूलेंगे और न माफ करेंगे। आपने भारत की आत्मा पर हमला किया है। हम आपको बचकर नहीं निकलने देंगे।”
उन्होंने यह भी कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त को आज नहीं तो कल देश के जनप्रतिनिधियों के सामने जवाब देना होगा। उनके मुताबिक, लोकतांत्रिक संस्थाओं की जवाबदेही से कोई भी व्यक्ति बच नहीं सकता।
दिल्ली की सड़कों पर दिखेगा राजनीतिक विरोध, राहुल गांधी ने दिया अगली कार्रवाई का संकेत
राहुल गांधी ने अपने भाषण में संकेत दिया कि ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का विरोध केवल सांकेतिक संसद तक सीमित नहीं रहने वाला है। उन्होंने कहा कि यह राजनीतिक हथियार अगले दिन दिल्ली की सड़कों पर भी दिखाई देगा।
उन्होंने चुनावों में कथित धांधली और केंद्रीय जांच एजेंसियों के इस्तेमाल का मुद्दा उठाते हुए सीबीआई और ईडी का भी जिक्र किया। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने और विपक्षी नेताओं पर दबाव बनाने के लिए इन संस्थाओं का दुरुपयोग किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियां स्थायी नहीं हैं और देश के युवा इन मुद्दों को लेकर सवाल उठाते रहेंगे। राहुल गांधी ने दोहराया कि ज्ञानेश कुमार को देश के लोगों के सामने जवाब देना होगा।
राहुल गांधी का मोदी-शाह को संदेश, बोले- कोई सुरक्षा कवच नहीं बचा पाएगा
अपने संबोधन के अंतिम हिस्से में राहुल गांधी ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का नाम लेते हुए ज्ञानेश कुमार को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि मुख्य निर्वाचन आयुक्त को लगता है कि मोदी और शाह उन्हें बचा लेंगे, तो यह उनकी गलतफहमी है।
राहुल गांधी ने साफ कहा कि कोई भी सुरक्षा कवच उन्हें जवाबदेही से बचा नहीं पाएगा। उन्होंने विपक्ष की ओर से इस मुद्दे को लगातार उठाने की बात कही।
कुल मिलाकर, ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आयोजित इंडिया गठबंधन की सांकेतिक संसद ने निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता, मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं और चुनावी प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है। राहुल गांधी के आक्रामक संबोधन के बाद अब इस मुद्दे पर विपक्ष की अगली रणनीति और सरकार तथा निर्वाचन आयोग की प्रतिक्रिया पर सबकी नजर रहेगी।
