Diljit Dosanjh: दिल्ली कॉन्सर्ट में दिलजीत दोसांझ का CJP पर तीखा पलटवार, बोले- पंजाबियों को लड़ना मत सिखाओ, फिल्म ‘सतलुज’ विवाद पर भी तोड़ी चुप्पी

दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित ऑरा इंडिया टूर 2026 के पहले कॉन्सर्ट में मशहूर पंजाबी गायक और अभिनेता दिलजीत दोसांझ ने अपने आलोचकों को जवाब दिया। बिना किसी संगठन का नाम लिए उन्होंने CJP पर निशाना साधते हुए कहा कि पंजाबियों को लड़ना सिखाने की जरूरत नहीं है। दिलजीत ने अपनी फिल्म ‘सतलुज’ को लेकर हुए विवाद पर भी नाराजगी जाहिर की। उनके इस बयान के बाद CJP और दिलजीत के बीच चल रहा विवाद एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।

दिल्ली कॉन्सर्ट में दिलजीत दोसांझ का बड़ा बयान, CJP को दिया जवाब

मशहूर गायक और अभिनेता दिलजीत दोसांझ इन दिनों अपने ऑरा इंडिया टूर 2026 को लेकर चर्चा में हैं। शुक्रवार रात दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में उनके टूर का पहला कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कॉन्सर्ट में बड़ी संख्या में प्रशंसक पहुंचे थे। संगीत और मनोरंजन से सजे इस कार्यक्रम के दौरान दिलजीत ने एक ऐसा बयान दिया, जिसने एक बार फिर उन्हें चर्चा के केंद्र में ला दिया।

दिलजीत ने अपने संबोधन में बिना किसी का नाम लिए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर इशारा करते हुए कहा कि वह एक कलाकार हैं और सभी लोगों से प्यार करते हैं। उन्होंने कहा, “मैं चुप हूं तो मुझे चुप ही रहने दो। मैं आप सभी का समर्थन करता हूं। लेकिन पंजाबियों को यह मत सिखाओ कि लड़ाई कैसे लड़ी जाती है।”

उनके इस बयान को CJP की ओर से पहले की गई टिप्पणियों के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, दिलजीत ने अपने संबोधन में सीधे तौर पर संगठन का नाम नहीं लिया।

फिल्म ‘सतलुज’ को लेकर की गई टिप्पणी से नाराज दिखे दिलजीत

दिल्ली कॉन्सर्ट के दौरान दिलजीत दोसांझ ने अपनी फिल्म ‘सतलुज’ को लेकर हुए विवाद का भी जिक्र किया। उन्होंने फिल्म पर मंच से की गई टिप्पणी पर नाराजगी जाहिर करते हुए बताया कि यह फिल्म मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा के जीवन और उनके कार्यों पर आधारित है।

दिलजीत के मुताबिक, इस फिल्म को बनाने के पीछे लंबे समय तक संघर्ष और मेहनत लगी है। ऐसे में फिल्म को लेकर की गई टिप्पणियों से उन्हें आपत्ति है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि किसी फिल्म के विषय और उसके पीछे के उद्देश्य को समझे बिना उस पर टिप्पणी करना उचित नहीं है।

आखिर CJP ने दिलजीत दोसांझ पर क्यों उठाए थे सवाल?

दरअसल, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शनों के दौरान संगठन के नेता अभिजीत दीपके ने दिलजीत दोसांझ को लेकर सवाल उठाए थे। प्रदर्शन के दौरान मंच से उन्होंने कहा था कि कलाकारों को भी महत्वपूर्ण सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर सामने आकर अपनी बात रखनी चाहिए।

अभिजीत दीपके ने अपनी टिप्पणी में यह भी कहा था कि यदि कलाकार सामने नहीं आते हैं तो उनकी फिल्मों पर प्रतिबंध जैसी परिस्थितियां पैदा हो सकती हैं। उनकी यह टिप्पणी दिलजीत की फिल्म ‘सतलुज’ से जुड़े विवाद के संदर्भ में थी।

इसी के बाद दिलजीत की सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर चुप्पी को लेकर बहस तेज हो गई थी। CJP की ओर से यह सवाल उठाया गया था कि जब कलाकारों को समर्थन की जरूरत होती है, तब उन्हें भी छात्र आंदोलनों और दूसरे महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी आवाज उठानी चाहिए।

NEET पेपर लीक विवाद के बाद भी उठे थे दिलजीत की चुप्पी पर सवाल

दिलजीत दोसांझ इससे पहले भी सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर अपनी भूमिका को लेकर सवालों का सामना कर चुके हैं। कुछ महीने पहले NEET पेपर लीक विवाद के दौरान एक प्रशंसक ने उनसे इस मुद्दे पर सवाल किया था।

उस समय दिलजीत ने खुद को एक कलाकार बताते हुए विवादों से दूर रहने की बात कही थी। उनके इस जवाब के बाद सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने उनकी आलोचना की और उन पर दोहरे रवैये के आरोप लगाए थे।

अब दिल्ली कॉन्सर्ट में उनके ताजा बयान के बाद एक बार फिर कलाकारों की सामाजिक जिम्मेदारी, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और राजनीतिक मुद्दों पर उनकी भूमिका को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।

पहले ‘पंजाब-95’ थी फिल्म की पहचान, सेंसर विवाद के बाद बदला नाम

दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘सतलुज’ का पुराना नाम ‘पंजाब-95’ था। यह फिल्म मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा के जीवन और उनके कार्यों पर आधारित है। जसवंत सिंह खालरा ने पंजाब में मानवाधिकार उल्लंघन से जुड़े मामलों को सामने लाने के लिए काम किया था।

फिल्म को लेकर सेंसर संबंधी विवाद सामने आए थे। इसके बाद फिल्म का नाम बदलकर ‘सतलुज’ किया गया और इसे ZEE5 पर रिलीज किया गया। हालांकि, रिलीज के महज दो दिनों के भीतर फिल्म को प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया था।

फिल्म से जुड़े विवाद और CJP की टिप्पणियों के बीच अब दिलजीत ने दिल्ली के मंच से अपनी बात रखी है।

दिलजीत के बयान के बाद फिर चर्चा में आया CJP विवाद

दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में दिलजीत दोसांझ का दिया गया बयान अब उनके प्रशंसकों और सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। एक तरफ दिलजीत ने कलाकार के तौर पर अपनी भूमिका और पंजाबियों के संघर्ष का जिक्र किया, वहीं दूसरी तरफ CJP के साथ पहले से चल रहा विवाद भी फिर सुर्खियों में आ गया है।

फिलहाल इस पूरे मामले में दिलजीत के बयान ने एक बार फिर यह बहस तेज कर दी है कि क्या कलाकारों को हर सामाजिक और राजनीतिक मुद्दे पर अपनी राय रखनी चाहिए या उन्हें अपनी व्यक्तिगत और पेशेवर सीमाओं के अनुसार बोलने की स्वतंत्रता होनी चाहिए।

Share:
Copied!