नई दिल्ली/श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में प्रवासी मजदूरों की हत्या के बाद देशभर में इस घटना की कड़ी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने इस आतंकी हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे मानवता के खिलाफ किया गया जघन्य अपराध बताया है। उन्होंने कहा कि निर्दोष मजदूरों की पहचान पूछकर हत्या करना बेहद शर्मनाक और अमानवीय है तथा इस मामले में शामिल आतंकियों के खिलाफ त्वरित और सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
प्रियंका गांधी ने जताया दुख, पीड़ित परिवारों के साथ संवेदना
प्रियंका गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए कहा कि कुलगाम में हुआ कायराना आतंकी हमला अत्यंत निंदनीय है। उन्होंने कहा कि ईंट-भट्ठे पर काम करने वाले दो मजदूरों को पहचान पूछकर निशाना बनाना मानवता विरोधी कृत्य है, जिसकी जितनी भी निंदा की जाए, वह कम है। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि पूरा देश इस दुख की घड़ी में उनके साथ खड़ा है।
दोषियों के खिलाफ त्वरित और सख्त कार्रवाई की मांग
कांग्रेस महासचिव ने अपने बयान में कहा कि सुरक्षा एजेंसियों को इस मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए हमले के जिम्मेदार आतंकियों को कानून के दायरे में लाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
कुलगाम के ईंट-भट्ठे पर हुआ था आतंकी हमला
अधिकारियों के अनुसार, शुक्रवार देर शाम दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले के केलम इलाके में स्थित एक ईंट-भट्ठे पर काम कर रहे प्रवासी मजदूरों पर आतंकियों ने गोलीबारी की थी। इस हमले में छत्तीसगढ़ के दो मजदूरों की मौत हो गई। घटना के बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है और हमलावरों की तलाश जारी है।
छत्तीसगढ़ के परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़
हमले में जान गंवाने वाले मजदूरों में छत्तीसगढ़ के मालखरौदा थाना क्षेत्र के बुंदेली गांव निवासी 24 वर्षीय दीपक रात्रे भी शामिल थे। परिजनों के अनुसार, दीपक अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था। कुछ वर्ष पहले उसकी शादी हुई थी और उसके परिवार में पत्नी तथा चार महीने का एक बेटा है। घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और पूरे गांव में शोक का माहौल है।
देशभर में आक्रोश, आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग
कुलगाम आतंकी हमले के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों की ओर से घटना की निंदा की जा रही है। प्रवासी मजदूरों को निशाना बनाए जाने की इस घटना ने एक बार फिर आतंकवाद के खिलाफ कठोर कार्रवाई और निर्दोष नागरिकों की सुरक्षा को लेकर बहस तेज कर दी है। सुरक्षा एजेंसियां हमले के पीछे शामिल आतंकियों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार या निष्क्रिय करने के लिए अभियान चला रही हैं।
