Raja Raghuvanshi Murder Case: ‘मैं नेपाल नहीं भागी’, पहली बार मीडिया के सामने आईं सोनम रघुवंशी, इंदौर लौटने पर भी दिया बड़ा बयान

इंदौर : इंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में एक नया मोड़ सामने आया है। इस मामले की मुख्य आरोपी और राजा रघुवंशी की पत्नी सोनम रघुवंशी पहली बार सार्वजनिक रूप से मीडिया के सामने आई हैं। लंबे समय से चल रही अटकलों और आरोपों के बीच सोनम ने अपने ऊपर लगाए गए नेपाल भागने के दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि वह फिलहाल इंदौर वापस नहीं जाएंगी और अदालत द्वारा तय की गई शर्तों का पालन करते हुए मेघालय में ही रह रही हैं।

नेपाल भागने के आरोपों को बताया अफवाह

राजा रघुवंशी के बड़े भाई विपिन रघुवंशी ने हाल ही में आरोप लगाया था कि जमानत पर रिहा होने के बाद सोनम पुलिस और जांच एजेंसियों को चकमा देकर नेपाल चली गई हैं। इस आरोप के बाद मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया था। हालांकि मीडिया से बातचीत के दौरान सोनम ने इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि नेपाल भागने की खबरें पूरी तरह बेबुनियाद और अफवाह हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि बिना पुष्टि के ऐसी खबरों पर विश्वास न करें।

इंदौर लौटने से किया साफ इनकार

जब सोनम से पूछा गया कि वह इंदौर कब लौटेंगी, तो उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि फिलहाल उनका इंदौर जाने का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने बताया कि जिला अदालत द्वारा जमानत के दौरान जो शर्तें तय की गई हैं, वह उनका पूरी तरह पालन कर रही हैं। उन्हीं कानूनी शर्तों के तहत वह वर्तमान में मेघालय में रह रही हैं।

शिलांग में रह रही हैं सोनम

सोनम रघुवंशी ने खुलासा किया कि वह इस समय मेघालय की राजधानी शिलांग में रहकर अदालत के निर्देशों का पालन कर रही हैं। हालांकि उन्होंने अपने सटीक ठिकाने और दैनिक खर्चों को लेकर कोई जानकारी साझा नहीं की। उनका कहना था कि सुरक्षा कारणों से वह अपने रहने की जगह सार्वजनिक नहीं कर सकतीं और निजी खर्चों से जुड़ी जानकारी देना आवश्यक नहीं है।

हाईकोर्ट में सुरक्षित है जमानत पर फैसला

राजा रघुवंशी हत्याकांड में निचली अदालत से मिली सशर्त जमानत को मेघालय पुलिस ने चुनौती दी है। पुलिस का मानना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जमानत रद्द की जानी चाहिए। इसी मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। मामले पर विस्तृत सुनवाई पूरी हो चुकी है और अदालत ने फिलहाल अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब सभी की नजरें हाईकोर्ट के निर्णय पर टिकी हुई हैं।

सीबीआई जांच की मांग पर अड़ा परिवार

दूसरी ओर मृतक राजा रघुवंशी का परिवार अब भी मामले की सीबीआई जांच की मांग कर रहा है। राजा के भाई विपिन रघुवंशी का कहना है कि यह मामला दो राज्यों—मध्य प्रदेश और मेघालय—से जुड़ा हुआ है, इसलिए निष्पक्ष और व्यापक जांच के लिए केंद्रीय एजेंसी की भूमिका जरूरी है। उनका तर्क है कि यदि अन्य चर्चित मामलों में सीबीआई जांच कराई जा सकती है, तो इस मामले में भी समान रूप से जांच होनी चाहिए।

क्या है पूरा राजा रघुवंशी हत्याकांड?

यह हाई-प्रोफाइल मामला वर्ष 2025 में सामने आया था। 11 मई 2025 को इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की शादी सोनम रघुवंशी से हुई थी। शादी के कुछ ही दिनों बाद दोनों हनीमून मनाने के लिए मेघालय पहुंचे थे। लेकिन 23 मई को दोनों के अचानक लापता होने की खबर सामने आई, जिसके बाद पुलिस ने तलाश अभियान शुरू किया।

खाई में मिला था राजा रघुवंशी का शव

लगातार खोजबीन के बाद 3 जून 2025 को मेघालय की एक गहरी खाई से राजा रघुवंशी का शव बरामद किया गया। शव मिलने के बाद मामले ने सनसनीखेज मोड़ ले लिया। पुलिस जांच में कई संदिग्धों की भूमिका सामने आई और हत्या की साजिश से जुड़े आरोपों के आधार पर कई लोगों को गिरफ्तार किया गया। जांच के दौरान राजा की पत्नी सोनम रघुवंशी का नाम भी सामने आया, जिसके बाद उन्हें मुख्य आरोपियों में शामिल करते हुए गिरफ्तार किया गया था।

हाईकोर्ट के फैसले पर टिकी निगाहें

फिलहाल पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल सोनम रघुवंशी की जमानत को लेकर है। जहां एक ओर वह अदालत की शर्तों के अनुसार शिलांग में रह रही हैं, वहीं दूसरी ओर पुलिस उनकी जमानत रद्द कराने की कोशिश कर रही है। ऐसे में हाईकोर्ट का फैसला इस चर्चित हत्याकांड की आगे की दिशा तय कर सकता है।

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